अजमेर में प्रशासन गांवों एवं शहरों के संग अभियान 2021

शिविर के दौरान ही करें कार्य निस्तारित-डॉ. समित शर्मा
अजमेर। प्रशासन गांवों एवं शहरों के संग अभियान 2021 में शिविर स्थल पर ही कार्य निस्तारित करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने राज्य के विभागीय अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने शुक्रवार को राज्य के समस्त विभागीय अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से संवाद किया। वे कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी वीसी रूम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। उन्होंने प्रशासन गांवों एवं शहरों के संग अभियान में विभाग की समस्त योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को जोड़ने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान गंभीरता से कार्य करें।
संवेदनशीलता के साथ प्रोएक्टिव होकर कार्य करने की आवश्यकता है। शिविर से पूर्व तैयारी पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए शिविर से पूर्व प्रत्येक ग्राम एवं शहरी वार्ड के लिए ई-बुक जारी की जाए। इसके लिए संभावित पात्र व्यक्तियों और आशार्थियों की सूची पहले से तैयार की जाए।
शिविर के स्थान, कार्य, लाभ आदि का समय रहते प्रचार होना चाहिए। इसके लिए शिविर का स्थान, दिनांक, समय, योजनाओं एवं शिविर की जीपीएस लोकेशन सहित संपूर्ण विवरण का मैसेज तैयार कर शिविर से पूर्व सभी संभावित लाभार्थियों को सोशल मीडिया पर सर्कुलेट होना चाहिए। इससे कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न पाए। मैसेज में शिविर के दौरान रहने वाले अधिकारी का नाम, पद नाम और मोबाइल नंबर भी लिखा जाना चाहिए।
संभावित लाभार्थियों को शिविर में आने के लिए मोबाइल नंबर पर व्यक्तिगत रूप से मैसेज और कॉल किए जाने चाहिए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय गणमान्य नागरिकों को भी यह सोशल मीडिया मैसेज भेजे जाएं और उनके सहयोग से भी पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर लाभान्वित किया जाए। लाभान्वितों को योजनाओं से जोड़ने के लिए उनके आने के स्थान पर संबंधित व्यक्ति के घर जाने से अभियान की सार्थकता सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि अभियान के कार्यों में सिरोही, जैसलमेर, बूंदी, सवाई माधोपुर, चितौडगढ़, भरतपुर, चुरू, बारां एवं कोटा को तेजी लाने की आवश्यकता है। प्रशासन गांव के संग अभियान की ई पंचायत पोर्टल पर उपलब्ध सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की योजनाओं के स्वीकृत प्रकरणों की कुल संख्या के अनुसार जिलों की रैंक निर्धारित की गई है। सभी जिला कलेक्टर एवं समाज कल्याण अधिकारियों को विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र जारी किए गए हैं।
अजमेर जिले ने 949 आवेदन पत्र निस्तारित कर टॉप-10 जिलों में स्थान बनाया है। भीलवाड़ा जिला प्रथम तथा नागौर जिला दूसरे स्थान पर है। प्रत्येक शिविर में पेंशन के 20,  पालनहार के 10, निःशक्तजनों के 10 तथा अन्य योजनाओं के 10 आवेदनों को निस्तारित करने की अपेक्षा के अनुसार कार्य करना चाहिए। इन्हीं को सामने रखकर कार्ययोजना बनाई जाए। पेंशन योजना, कन्यादान योजना, पालनहार योजना, सुखद दाम्पत्य योजना, एसीडीसी रोजगार योजना, विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना, शहरी क्रेडिट कार्ड योजना एवं सिलिकोसिस पीड़ितों को राहत के कार्य प्राथमिकता से किए जाएं।
उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संगठनों को जोड़ें। शिविर में अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सके। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाए। साथ ही कार्य को व्यापक स्तर पर करने के लिए स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी लिया जाए। निःशक्तजनों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण, ट्राई साइकिल, स्कूटी आदि वितरण कराने के लिए एनजीओ एवं विधायक फंड आदि से सहयोग प्राप्त किया जाए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक  ओ.पी. बुनकर ने कहा कि शिविर की पूर्व तैयारी एवं सर्वे में प्राप्त किए गए आवेदनों की कमियां समय पर दूर की जाएं। शिविर के दौरान ही उनके प्रकरणों को निस्तारित किया जाए। विभाग में लम्बित पुराने समस्त प्रकरणों को निस्तारित करने का कार्य तुरन्त प्रभाव से किया जाए। इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक  प्रफुल्ल चन्द्र चौबीसा, सहायक निदेशक  योगेश शर्मा,  रूचि मौर्य,  रजत गुप्ता,  अभिषेक गुजराती, विशाल सिंह सौलंकी उपस्थित थे।