राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय में वार्षिक खेल और सांस्कृतिक उत्सव समापन

0

अजमेर। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा कुलपति प्रो आनंद भालेराव के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के पावन अवसर पर सृजन खेलकूद एवं सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव- सृजन 2026 का समापन रंगारंग सांस्कृतिक संध्या से हुआ जिसमे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और परिवार के सदस्यों ने उत्साह से भाग लिया।

इस वार्षिक महोत्सव में 34 सांस्कृतिक एवम 20 से अधिक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें 1000 से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। इस वर्ष सृजन के प्रति विद्यार्थी अधिक संख्या में उत्साहित दिखे।

तीन दिवसीय खेल एवं सांस्कृतिक उत्सव ‘सृजन 2026’ के दौरान विद्यार्थियों ने खेल, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता, एक्सटेम्पोर, काव्य पाठ, प्रश्नोत्तरी, योगासन, लोककला, शास्त्रीय एवं अर्धशास्त्रीय नृत्य, बॉलीवुड एवं वेस्टर्न एकल तथा समूह नृत्य, लाइट वोकल, शास्त्रीय एवं वेस्टर्न गायन, वाद्य संगीत, बॉलीवुड एकल एवं समूह गायन, रंगोली, मेहंदी, फोटोग्राफी, पोस्टर एवं पेंटिंग, एकांकी नाटक, स्किट, मिमिक्री, मोनोलॉग एवं माइम जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
वहीं खेलकूद प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, क्रिकेट, शतरंज, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, कैरम एवं फुटबॉल सहित विभिन्न खेल स्पर्धाओं का सफल आयोजन किया गया।

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने कहा कि सृजन जैसे उत्सव विश्वविद्यालय जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, रचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।

कुलपति प्रो. भालेराव ने आगे कहा कि खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करती हैं, बल्कि विद्यार्थियों को अकादमिक जीवन से परे अपनी प्रतिभा को पहचानने और निखारने का अवसर भी प्रदान करती हैं। मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ सृजन में सहभागिता कर इसे एक यादगार आयोजन बनाया।

इस अवसर पर हास्य-व्यंग्य से ओत-प्रोत कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान के प्रसिद्ध कवि कमल माहेश्वरी, गजेन्द्र कविया, दामोदर दधीच और संजीव सजल ने अपनी सशक्त रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को हँसी, विचार और संवेदना के विविध रंगों से सराबोर कर दिया। कवियों की सारगर्भित एवं रोचक प्रस्तुतियों ने समसामयिक विषयों पर तीखा व्यंग्य करते हुए सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से उजागर किया। कवि सम्मेलन के दौरान सभागार ठहाकों, तालियों और सराहना से गूंज उठा तथा उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।

तीन दिवसीय आयोजन के सफल समापन अवसर पर समापन समारोह भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में शास्त्रीय एवं लोक नृत्यों के साथ-साथ पाश्चात्य नृत्य प्रस्तुत किए गए, वहीं शास्त्रीय एवं लोक गायन की मधुर प्रस्तुतियों ने संगीत की सरगम बिखेर दी। विशेष रूप से शास्त्रीय वाद्य यंत्रों पर विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा।

कार्यक्रम के दौरान आयोजन का सारांश एक आकर्षक डाक्यूमेंट्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। अंतरिम प्रस्तुति समारोह का प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें विद्यार्थियों ने देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं के रंगों को नृत्य के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया। कुलपति प्रो. आनंद भालेराव की उपस्थिति ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार हैं और उनकी कामना है कि ‘सृजन’ जैसे खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम निरंतर इसी उत्साह के साथ आयोजित होते रहें। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह उनके लिए एक विशिष्ट एवं भावनात्मक अनुभव रहा, क्योंकि अपने कार्यकाल में पहली बार उन्होंने विद्यार्थियों के कार्यक्रम में लगातार तीन घंटे का समय व्यतीत किया, जो छात्रों की प्रतिभा, ऊर्जा और समर्पण का सशक्त प्रमाण है।

समापन समारोह में अध्यक्ष, सांस्कृतिक समिति डॉ. हेमलता मंगलानी तथा अध्यक्ष, खेलकूद समिति डॉ. संजय गर्ग ने ‘सृजन 2026’ के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों के उत्साह, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
क्लब समन्वयकों – डॉ. जया कृतिका ओझा, डॉ. धनपति शौग्क्रापम, डॉ. भावना सैनी, डॉ. टी संगीता, डॉ. संजीब पात्रा, डॉ. अंकुर जांगिड़ और दिलीप रायचंदानी का योगदान रहा।