कोटा। राजस्थान में कोटा जिले के मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में प्रसूताओं की जान पर बन आई है, ऑपरेशन के बाद पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती कई महिलाओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले में अब तक दो प्रसूताओं की मौत हो चुकी है, मृतक दोनों प्रसूताओं में किडनी खराब होने की शिकायत हुई है। रक्तचाप कम होने के साथ ही प्लेटलेट्स काउंट कम हो गए थे. साथ ही यूरिन पास होना बंद हो गया था। इस मामले में एक प्रसूता की पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद अन्य प्रसूताओं को मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलियिटी ब्लॉक में स्थानांतरित किया था, जबकि दूसरी प्रसूता की मौत गुरुवार को उपचार के दौरान हो गई है।
सूत्रों ने बताया कि 4 मई को अस्पताल में कुल 12 प्रसव हुए थे, जिनमें से 10 सिजेरियन (ऑपरेशन) थे। ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही छह प्रसूताओं की हालत गंभीर होने लगी। मरीजों में अचानक किडनी खराब होने, रक्तचाप कम होना और प्लेटलेट्स काउंट कम होने जैसे गंभीर लक्षण देखे गए।
इस घटना में पहली मौत मंगलवार तड़के रावतभाटा निवासी पायल की हुई। गुरुवार को दूसरी दुखद खबर आई, जब अनंतपुरा निवासी 20 वर्षीय ज्योति ने सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के नेफ्रोलॉजी आईसीयू में दम तोड़ दिया। ज्योति के पति रवि ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी भी जताई है। इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. निलेश जैन ने मौत की पुष्टि की है। हालांकि आगे की कोई जानकारी देने से अस्पताल प्रबंधन ने इन्कार कर दिया है।
मृतका के पति रवि का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा रहे हैं, लेकिन वे शव को नहीं उठाएंगे। क्योंकि जिस तरह के लापरवाही अस्पताल प्रबंधन ने बरती है, उसी से मेरी पत्नी की मौत हुई है। रवि ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही और कुछ गलत दवा या इंजेक्शन दिया गया है। इसके अलावा कुछ इन्फेक्शन भी अस्पताल में ही हो सकता है। क्योंकि मेरी पत्नी ज्योति के साथ-साथ अन्य प्रसूताओं की भी तबीयत बिगड़ी थी।



