भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के शंभूगढ़ थाना क्षेत्र में बारनी गांव में ग्रेनाइट पत्थरों से भरे ट्रेलरों का रास्ता रोककर तोडफ़ोड़ करने और चालकों से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि 19 अप्रैल को सुबह बारनी गांव में ग्रेनाइट पत्थरों से भरे ओवरलोड ट्रेलरों के आवागमन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा था। ग्रामीणों ने तीन ट्रेलरों के शीशे तोड़ दिए और उनके चालकों से मारपीट की थी। ट्रेलर चालकों की शिकायत पर पुलिस ने 16 नामजद लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की खदानों से निकलने वाले क्षमता से अधिक भार ढोने वाले वाहनों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। ट्रेलरों से पत्थर गिरने का डर बना रहता है और खदान में होने वाले तीव्र विस्फोटों के कारण गांव के मकानों में दरारें आ रही हैं। कई बार प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
पुलिस ने बारणी गांव निवासी सात और आरोपियों ललित, भंवरलाल, रामप्रसाद जाट, ओमप्रकाश गुर्जर, पृथ्वीराज जाट, गोविन्दराम शर्मा और रामधन जाट को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सभी को अदालत में पेश किया, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया। इसी मामले में रामकरण उर्फ पोलू, संपतलाल और बजरंगलाल की पहले गिरफ्तारी हो चुकी है।



