भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में ककरोलिया माफी गांव में मंगलवार को एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बवाल हो गया।
महिला की मौत से आक्रोशित पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर कुल्हाड़ी, तलवार, लोहे की छड़ और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी हमले में मृतका के पति सहित ससुराल पक्ष के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि ककरोलिया माफी निवासी लक्ष्मी (40) पत्नी सितारिया बागरिया की सुबह अचानक छाती एवं गले में तेज दर्द होने के कारण इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन शव घर लाकर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे कि तभी डगेरा का खेड़ा (राजपुरा) से पहुंचे मृतका के पीहर पक्ष के लोगों ने अचानक हमला बोल दिया।
उन्होंने बताया कि हमले में घायल हुए लोगों में मृतका का पति सितारिया (40), रामलाल (27), भैरू (68) और ममता (18) शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत कोटड़ी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
भीलवाड़ा के अस्पताल में चोरी की दो वारदातें नाकाम
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में मंगलवार को कुछ ही घंटों के भीतर चोरी के दो अलग-अलग मामले सामने आने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार आज अस्पताल के स्टोर के चैनल गेट से पुरानी टेबल, पंखे, वीलचेयर सहित हजारों रुपये का कबाड़ और अन्य सामान दिनदहाड़े एक भार वाहक टेंपो में भरकर ले जाया जा रहा था।
अस्पताल के दो कर्मचारियों ने वाहन को बीच रास्ते रुकवाया गया। पूछताछ में चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और कथित तौर पर किसी कबाड़ी का नाम लेने लगा। कर्मचारियों ने तुरंत पूरा सामान वापस स्टोर में उतरवाया। पुलिस में यह मामला दर्ज करा दिया गया है।
इसी बीच कुछ ही घंटों बाद चोरी का एक और मामला सामने आया। सूत्रों के अनुसार अस्पताल में कार्यरत एक वार्ड लेडी कथित रूप से कबाड़ का सामान चोरी करके बाहर ले जा रही थी। वहां मौजूद लोगों की नजर पड़ते ही वह सामान छोड़कर मौके से फरार हो गई।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी संपत्ति की हो रही कथित चोरी पर स्थायी रूप से रोक लग सके।



