भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कारोई कस्बे के आराध्य देव श्री सांवरिया हनुमान मंदिर के अस्तित्व पर मंडराते संकट और प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में सोमवार को पूरा कारोई कस्बा बंद रहा।
पिछले तीन दिनों से चल रहे इस जनांदोलन ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया, जब हजारों की संख्या में ग्रामीणों और भक्तजनों ने एकजुट होकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मंदिर की एक ईंट भी छुई गई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
ज्ञापन में बताया गया कि कई वर्षों पूर्व हजारों साधु-संतों के सानिध्य में यहाँ 28 फुट लंबी और 64 टन वजनी हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। यह राज्य की पहली और देश की दूसरी सबसे बड़ी लेटी हुई हनुमान प्रतिमा है। ग्रामीणों ने करोड़ों रुपये जनसहयोग से जुटाकर इसे एक भव्य धाम के रूप में विकसित किया है, जो अब हजारों हिंदुओं की अटूट आस्था का केंद्र है।
ग्रामीणों ने कहा कि चरागाह भूमि पर स्थित होने के कारण कुछ बाहरी व्यक्तियों द्वारा कानूनी पेचीदगियों का सहारा लेकर इसे तुड़वाने के लिए प्रशासन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यह किसी का व्यक्तिगत कब्जा नहीं, बल्कि पूरे गांव का धार्मिक स्थल है। वे इस भूमि को चरागाह से मंदिर के नाम आवंटित करवाने के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं अपनाने को तैयार हैं।
ग्रामीणों ने आज बाजार पूरी तरह बंद रखकर अपनी एकता का परिचय दिया। नायब तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि प्रशासन ने मंदिर या उसके निर्माण को ढहाने की कोई भी कोशिश की, तो आसपास के हजारों भक्त और ग्रामीण सडक़ों पर उतरेंगे।




