भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा शहर के बीचोंबीच स्थित ऐतिहासिक और बेशकीमती जमीन भोपाल क्लब पर सोमवार को जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे सीज कर दिया।
महात्मा गांधी चिकित्सालय के विस्तार और पार्किंग की समस्या को हल करने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। मौके पर पहुंच के निगम के दल ने न केवल क्लब के कार्यालय को सीज किया, बल्कि वहां संचालित हो रही 19 दुकानों को खाली करने की अंतिम चेतावनी दे दी है।
सूत्रों के अनुसार सुबह तहसीलदार और नगर निगम का भारी जाब्ता अचानक भोपाल क्लब परिसर पहुंचा। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए क्लब के मुख्य कार्यालय पर ताला जड़कर उसे सरकारी कब्जे में ले लिया। इस दौरान वहां मौजूद स्टाफ और संचालकों में खलबली मच गई।
सूत्रों ने बताया कि भोपाल क्लब परिसर में वर्तमान में 19 वस्त्र और अन्य व्यावसायिक दुकानें संचालित हो रही हैं। प्रशासन ने इन सभी दुकानदारों को स्पष्ट रूप से दुकान खाली करने के निर्देश दिये हैं। कार्रवाई के दौरान ही कुछ दुकानदारों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से इस बेशकीमती जमीन के उपयोग को लेकर योजना बनाई जा रही थी, जिस पर अब अमल शुरू हो गया है।
इस कार्रवाई के पीछे मुख्य उद्देश्य शहर के सबसे बड़े महात्मा गांधी अस्पताल में बढ़ते दबाव को कम करना है। सूत्रों के मुताबिक भोपाल क्लब की इस भूमि पर अस्पताल के लिए विशाल पार्किंग क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, मरीजों और उनके परिजनों के लिए अन्य जनसुविधाएं जुटाने की भी योजना है, जिससे जिला अस्पताल आने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
अतिक्रमण हटाने पहुंचे निगम के दल पर पथराव
भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र मेेंं सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आक्रोशित लोगों ने नगर पालिका के दस्ते पर पथराव किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार आसींद से मालासेरी मार्ग पर स्थित कानपुरा चौराहे पर नगर पालिका का दल भारी मशीनरी के साथ अवैध कब्जा हटाने पहुँचा। निगम की इससे वहां मौजूद भीड़ ने इसका विरोध किया। बाद में उन्होंने निगम के दस्ते पर पथराव कर दिया। पथराव से नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सहित कई कर्मचारियों को वहां से भागना पड़ा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए आसींद थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और बिगड़ती स्थिति को देखकर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी बुलवाया गया। मौके पर तहसीलदार जय सिंह चौहान, अधिशासी अधिकारी विकास कुमावत सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पथराव करने के आरोप में मौके से चार-पांच लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।



