अलवर नगर निगम में पहली बार भाजपा का बोर्ड, सुमन लता अग्रवाल बनीं पहली महापौर

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कांग्रेस की कमलेश शर्मा को 19 मतों से हराया, ऐतिहासिक जीत के बाद भावुक हुए वन मंत्री संजय शर्मा

अलवर। राजस्थान के अलवर नगर निगम के महापौर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नया राजनीतिक इतिहास रच दिया। सोमवार को हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुमन लता अग्रवाल महापौर निर्वाचित हुईं। इसके साथ ही अलवर नगर निगम में पहली बार भाजपा का बोर्ड गठित होने का रास्ता साफ हो गया।

वार्ड नंबर 7 से पार्षद निर्वाचित सुमन लता अग्रवाल ने महापौर पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा को 19 मतों के अंतर से पराजित किया। मतदान में अग्रवाल को 42 मत मिले, जबकि कमलेश शर्मा के पक्ष में 23 मत पड़े। परिणाम घोषित होते ही भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल बन गया।

भाजपा की जीत पर भावुक हुए वन मंत्री संजय शर्मा

अलवर नगर निगम में पहली बार भाजपा का बोर्ड बनने और महापौर पद पर पार्टी की जीत के बाद राजस्थान सरकार के वन मंत्री एवं अलवर विधायक संजय शर्मा भावुक हो गए। चुनाव परिणाम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने रुमाल से आंसू पोंछते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

संजय शर्मा ने इस मौके को केवल चुनावी जीत तक सीमित नहीं बताते हुए इसे लंबे समय से जुड़ी राजनीतिक भावनाओं और संघर्ष से जुड़ा क्षण बताया। अलवर नगर निगम में भाजपा की पहली बार बोर्ड गठन की उपलब्धि उनके लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण रही।

महापौर चुनाव के परिणाम ने अलवर की स्थानीय राजनीति में नया अध्याय जोड़ दिया है। भाजपा को पहली बार नगर निगम की सत्ता मिलने के साथ ही अब शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर नए बोर्ड की कार्यशैली पर निगाहें रहेंगी।

कांग्रेस प्रत्याशी के पति ने लगाए धांधली के आरोप

अलवर नगर निगम महापौर चुनाव के दौरान सोमवार को मतदान प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया। मतदान केंद्र पर गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थकों ने हंगामा किया। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं महापौर प्रत्याशी कमलेश शर्मा के पति योगेश मिश्रा ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए।

योगेश मिश्रा का आरोप था कि भाजपा के वरिष्ठ नेता केजी खंडेलवाल लंबे समय से मतदान केंद्र के अंदर बैठे हुए थे, जबकि उन्हें अपनी पत्नी कमलेश शर्मा के अधिकृत एजेंट होने के बावजूद अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। इस संबंध में उन्होंने पत्रकारों के सामने अपना एजेंट आई-कार्ड भी दिखाया।