भोपाल/रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए विवादित टिप्पणी की है। रीवा एयरपोर्ट पर रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू हुई नई उड़ानों के उद्घाटन कार्यक्रम में मिश्रा ने कहा कि देश में शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध नहीं है तो उसकी मांग कहां से पूरी होगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन हो रहा है एथेनॉल नहीं चलेगा, शुद्ध पेट्रोल चलेगा। शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित कई नेता और अधिकारी मौजूद थे। आज से रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए नई उड़ान सेवा शुरू हुई है।मिश्रा ने एथेनॉल मिश्रण का बचाव करते हुए कहा कि भारत में केवल 20 प्रतिशत कच्चे तेल का उत्पादन होता है, जबकि 80 प्रतिशत तेल विदेश से आयात करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध की स्थिति के कारण तेल की आपूर्ति के लिए जहाजों को 18 हजार किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने की बात करते हैं तो कुछ लोग इसका विरोध करते हुए आंदोलन करने लगते हैं। उन्होंने ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 100 प्रतिशत एथेनॉल बनाया जाता है और वाहनों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
सांसद ने कहा कि ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ और कार मैकेनिक मानते हैं कि एथेनॉल से वाहनों के इंजन को नुकसान नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि भारत में भी एथेनॉल से वाहन चलाने की क्षमता है। यदि एथेनॉल नहीं बनाया जाएगा तो पेट्रोल और डीजल की जरूरत कैसे पूरी होगी।
मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक स्थिति की तारीफ करते हुए दावा किया कि आज भारत में दुनिया में सबसे अधिक रोजगार और सबसे कम महंगाई है। उन्होंने कहा कि देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और रक्षा सामग्री के निर्यात में भी वृद्धि हुई है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग चीन और पाकिस्तान के मंसूबों का विरोध करने के बजाय देश की प्रगति में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने सरकार की विकास नीतियों का समर्थन करने की बात कही। भाजपा सांसद के बयान पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सत्ता की ठसक और जनमत की कुर्सी का अहंकार बताया। उन्होंने कहा कि सांसद का बयान पेट्रोल से परेशान नागरिकों के प्रति नफरत को दर्शाता है।



