नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए रविवार को लोगों से आग्रह किया कि वे समय निकालकर अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कराएं ताकि इस काम में आसानी हो सके।
मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि जनगणना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व है। मैंने 15 अगस्त को भी देशवासियों से आग्रह किया था कि इसके लिए अपना समय जरूर निकालें। उन्होंने बताया कि लोग अपने मोबाइल फोन से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करा सकते हैं। यह सुविधा हिन्दी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर लोगों से अपनी जानकारी भरने के लिए कहा।
इस पूरी प्रक्रिया में उनका करीब 15 से 20 मिनट का समय लगता है। मोदी ने कहा कि पोर्टल पर जानकारी देने के लिए कोई दस्तावेज अपलोड नहीं करना पड़ता है। जानकारी दाखिल करने के बाद एक विशेष आईडी मिलेगी। जब गणनाकर्मी आपके घर आएंगे तो आप उन्हें आईडी बतानी होगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक मोबाइल से दो करोड़ 60 लाख से ज्यादा लोग जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भर चुके हैं।
यह देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे देश के भविष्य की सही तस्वीर तैयार करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में इसका पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। उत्तराखंड में जनगणना की शुरुआत चमोली के माणा गांव से हुई जिसे देश का पहला गांव कहा जाता है। वहां सबसे पहले 83 साल की पूर्णिमा रावत से इसकी शुरुआत हुई है।



