हमारी सरकार शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए तत्परता से कर रही काम : भजनलाल शर्मा

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आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय राजापार्क में बहुउद्देशीय सभागार का लोकार्पण

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि हमारी सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए तत्परता से कार्य कर रही है और हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की अवधारणा पर कार्य करते हुए अंतिम पंक्ति पर बैठे व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं।


शर्मा बुधवार को आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय राजापार्क में बहुउद्देशीय सभागार के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक कोई भी बच्चा चाहे शहर में हो या गांव में, अगर शिक्षा की रोशनी से वंचित है, तब तक विकास की बात अधूरी है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सभी तक सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए हमारी सरकार युवा नीति लाई है, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके। हमारी मंशा है कि युवा रोजगार प्राप्त करने के साथ रोजगार प्रदाता बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश का सबसे बड़ा धन उसकी युवा पीढ़ी होती है। युवा शक्ति राष्ट्र की दशा और दिशा बदल सकती है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व को गढते हैं। विद्यार्थी जब आगे बढ़ते हैं, तो उनके हर कदम में गुरु का आशीर्वाद होता है। वे युवाओं में शिक्षा के साथ ही संस्कार और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि जब एक शिक्षित युवा समाज में जाता है, तो वह केवल अपना ही नहीं, बल्कि पूरे देश का भविष्य उज्जवल करता है।

शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार के समय पेपरलीक जैसे प्रकरणों से युवाओं के सपने चूर-चूर हो गए थे लेकिन हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार को युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध बताते हुए कहा कि युवाओं को चार लाख सरकारी क्षेत्र में एवं छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है और अब तक एक लाख 25 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं एवं एक लाख 33 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है तथा एक लाख से ज्यादा पदों का भर्ती कैलेण्डर जारी किया जा चुका है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान अर्जन ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण एवं मूल्यों का विकास करते हैं। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति का समग्र विकास होता है। विद्या भारती द्वारा शुरू किए गए आदर्श विद्या मन्दिर विद्यालय विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ संस्कार भी विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अवधारणा के अनुसार हम सभी को राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभानी चाहिए।

इससे पहले शर्मा ने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं तथा भवन निर्माण में सहयोग देने वाले भामाशाहों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक गोपाल शर्मा एवं बालमुकुंदाचार्य, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय संघ चालक डॉ. रमेश अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम सहित आदर्श विद्या मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारी, अध्यापक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।