
सिरोही। मनरेगा को छीन कर कथित रूप से ग्रामीणों के सालभर के रोजगार योजना को छीनने के संग्राम के साथ क्या अब कांग्रेस हिंदुओं के सबसे बड़े धर्म गुरु शंकराचार्य के योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा रोज अपमानित करने का मुद्दा भी गांव गांव तक लेकर जाएगी। इस मुद्दे पर आरएसएस और उसके आनुषंगिक संगठन भाजपा, विहिप और बजरंग दल की चुप्पी भी अब कांग्रेस के मुद्दे में शामिल हो चुका है। मनरेगा महाभियान के तहत सिरोही पूर्व विधायक ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, सिरोही की ओर से “मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान” को लेकर रामपुरा, गोयली, पाड़ीव, डोड़ुआ, खांबल, सरतरा, कालंद्री, तंवरी में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए हिन्दू धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु अपमान के मुद्दे पर भी जोर दिया।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि आदि शंकराचार्य भगवान ने चारों दिशाओं में मठ की स्थापना की और उसके जरिए देश की राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया। अब बीजेपी की सरकार शंकराचार्य को ही अपमानित कर रही है। प्रयागराज में तीन दिन पूर्व आदि शंकराचार्य के साथ जो अभद्र व्यवहार हुआ वह देश के माथे पर एक कलंक हैं, शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि जो आरएसएस हिंदू हिंदू करते हुए घूमती है उसके मुंह में अब दही क्यों जम गया है। शंकराचार्यजी के शिष्यों को किस तरह से चोटी पकड़ पकड़ कर पीटा गया यह देश के इतिहास में एक कलंक हैं।
लोढ़ा ने कहा कि राम झरोखा मंदिर के अवैध तरीके से 8 पट्टे बनाकर करोड़ों रुपए का गबन किया गया है और गैर कानूनी तरीके से विद्यालय के नाम पर 99 साल की लीज प्राप्त की गई है, कथित हिंदूवादी संगठन इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे, मंदिर की जमीन हड़पने पर भी चुप क्यों हो, किसका डर है? क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक जानना चाहता है कि मंदिर के पट्टे बेचकर इतना बड़ा गबन किया गया तो आप लोग क्यों नहीं बोलते?
लोढ़ा ने कहा कि कलेक्टर ऑफिस के पास से से हर 3 महीने में चंदन के पेड़ चोरी हो जाते हैं और कोई पकड़ने वाला नहीं हैं। खेतों से केबल, मोटर, बकरी, गाय, भैंस चोरियो के तो मुकदमे तक दर्ज नहीं होते हैं। हर गांव में चोरी का आलम है। पाडीव गांव में तो एक दिन में 18 चोरियां हुई है, 800 से ज्यादा चोरीयां खुली नहीं है, हत्या के मामले खुल नहीं रहे और आबू रोड में पूरे क्षेत्र के अंदर गैंग का राज हो गया है। रात को किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं है। सरकार कहां है, लोग ढूंढ रहे हैं।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि मनरेगा तो हमारा कानूनी अधिकार था, लेकिन भाजपा की सरकार गरीबों से ही अधिकार छीनना चाहती हैं। यह बिल मनरेगा की आत्मा को मार रहा है। मनरेगा ने आपको ‘काम का कानूनी अधिकार’ दिया था। अब यह सरकार इसे ‘र्योजना’ बनाकर अपनी मुट्ठी में कैद करना चाहती है। मनरेगा में काम मांगना आपका हक था, लेकिन नए बिल में काम तभी मिलेगा जब केंद्र सरकार किसी क्षेत्र को ‘अधिसूचित’ करेगी। यानी, अधिकार अब सरकार की इच्छा पर निर्भर होगा।
लोढ़ा ने कहा भाजपा की सरकार में अब मांगने पर काम नहीं मिलेगा। मनरेगा ‘मांग-आधारित’ था-आप काम मांगते थे और 15 दिन में काम देना सरकार की मजबूरी थी। यह नया बिल ‘आपूर्ति-आधारित’ है। अब काम आपकी मांग पर नहीं, बल्कि सरकार द्वारा तय किए गए बजट और सीमा पर मिलेगा। अगर बजट खत्म, तो काम खत्म। यह गारंटी की हत्या है।
संयम लोढ़ा ने कहा कि यह इस बिल का सबसे क्रूर हिस्सा है। खेती के पीक सीजन के दौरान सरकार ने 60 दिनों का ‘ब्लैकआउट पीरियड’ घोषित करने का प्रावधान किया है। यानी साल के इन दो महीनों में सरकार आपको कोई काम नहीं देगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरका द्वारा यह गरीबों, दलितों और मजदूरों की कमर तोड़ने की साजिश है। जब ग्रामीणों को काम की सबसे ज्यादा जरूरत होगी, तब सरकार हाथ खड़े कर देगी। इसका सीधा असर आपकी सौदेबाजी की ताकत पर पड़ेगा और आपको पेट भरने के लिए अपनी शर्तों से समझौता कर, कम मजदूरी पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इस अवसर पर पीसीसी सदस्य किशोर पुरोहित,जिला संगठन सचिव भुराराम मेघवाल, संगठन महासचिव जोगाराम मेघवाल, महिला जिला अध्यक्ष रेणुलता व्यास, मंडल अध्यक्ष कुलदीप रावल, शिवलाल घांची, ब्लॉक संगठन महामंत्री कल्पेश त्रिवेदी, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश मिना, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष चंपालाल तीरगर, एनएसयूआई राष्ट्रीय संयोजक दशरथ नरुका, ब्लॉक उपाध्यक्ष देवेंद्र सेन,वरिष्ठ कांग्रेसी हड़मत सिंग, भगवत सिंह, मोहन सीरवी, जब्बर सिंह , देशाराम मेघवाल, प्रकाश देवासी, हिम्मत मेघवाल, ईश्वर भाई पुरोहित, भीमा राम चौधरी उसे सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।


