
सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही जिले के समाचार पत्रों में शनिवार को प्रकाशित एक समाचार सुर्खिया बटोरे हुए है। ये समाचार है सिरोही के रामझरोखा में हुए हिन्दू सम्मेलन का। इसे जिला मुख्यालय का प्रमुख सम्मेलन माना जा रहा है। ऐसे में इसमें प्रांत प्रचारक के साथ साथ जिला प्रचारक भी शामिल हुए। इसमें प्रमुख भजन गायक प्रकाश माली को बुलवाया था। इसी भजन संध्या के बीच जिला प्रचारक का आशु भाषण भी हुआ।

इसी समाचार में RSS जिला प्रचारक योगेश कुमार लोगों को संबोधित करते हुए जिला प्रचारक ने RSS के विराट हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि हिंदू चार प्रकार के हैं। पहले प्रकार हिंदू जो पांडाल में आया है जो कहता है कि गर्व से कहो मैं हिंदू हूं। दूसरा हिंदू वो है जो कहता है कि मेरा हिंदुत्व देखना है तो मेरे घर पर आओ। तीसरा वो है जो कहता है कि वो हिंदू है लेकिन प्रदर्शन की जरूरत नहीं। चौथे प्रकार का हिंदू वो है जो हिंदू हैं, लेकिन वो खुद को हिंदू मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि शेष हिंदुओं को भी पहली तरह के हिंदूओ में शामिल करने के लिए ये सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।

– शिवाजी बस्ती का आयोजन
कार्यक्रम शिवाजी बस्ती का था। इसमें भटकडा, रबारीबास, दक्षिणी मेघवालवास जैसी सिरोही की सबसे घनी आबादी रहती है। ये रामझरोखा मैदान में हुआ था। वही रामझरोखा जिसकी जमीने खुर्द बुर्द को लेकर विवाद को लेकर चल रहा है। इसके अलावा इस रामझरोखा मैदान के चारों ओर कुम्हारवाडा, ब्रह्मपुरी जैसे संघ विचारधारा बहुल मोहल्ले भी हैं। कार्यक्रम में पश्चिमी राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध भजन गायक आए थे जो भीड़ की गारंटी माने जाते थे। इस लिए जिस वृहद स्तर पर प्रचार प्रसार किया गया था। इसकी जिम्मेदारी संभाले लोगों ने संभवतः जिले का सबसे भव्य कार्यक्रम बनाने की पूरी व्यवस्था थी। इसके बावजूद उस संख्या में लोग स्वेच्छा नहीं जिस स्तर पर तैयारी की गई थी।
वैसे हिंदू एकत्रीकरण अलग-अलग बस्तियों के अनुसार हो रहा है। ऐसे में एक बस्ती में एकत्रित लोग पूरे शहर में नहीं जाते। लेकिन, फिर भी जिन बस्तियो का ये कार्यक्रम था उस अनुसार यहां की संख्या तैयारी, प्रचार और दावों से काफी कम थी। जिला प्रचारक द्वारा हिंदुओं के प्रकार बताने के पीछे ये भी वजह मानी जा रही है कि इस तरह आयोजन में ज्यादा से ज्यादा लोगों को एकत्रित करने और नए लोगों में विश्वास जगाने के लिए प्रोत्साहित किया सके।
– भाजपा नेताओं की कार्यप्रणाली भी वजह
आमतौर पर तमाम दावों बाद भी संघ अपने आपको भाजपा से अलग नहीं कर पा रहा है। भाजपा नेता भी मंचों से लेकर पत्रकार वार्ता तक इसे अपना विचार परिवार बताने से नहीं चूकते। ऐसे में सिरोही में भाजपा नेताओं के हर विवादित काम का साया इस संगठन काम पर भी पड़ रहा है। सिरोही में रामझरोखा की भूमि विवाद को लेकर अपनी ही पार्टी के नेता के प्रति निंदा प्रस्ताव जारी करने को लेकर हाल ही में एक समाज का बड़ा जमावड़ा हुआ था। बताया ये जा रहा है कि कार्यक्रम के आयोजन के अगुआ जो लोग थे उनमें से ही कुछ को इस निंदा प्रस्ताव में शामिल माना रहा है। इन लोगों के प्रति नाराजगी थी। आरोप भाजपा नेताओं पर लग रहे थे, लेकिन उनके बचाव में संघ के अनुषांगिक संगठन के नेता खड़े हो रहे थे। रामझरोखा के आयोजन में प्रचार प्रसार के मुताबिक कम एकत्रीकरण होने के पीछे सिरोही में भाजपा के प्रमुख नेताओं की विवादित कार्यप्रणाली को भी माना जा रहा है। मूल संगठन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी ये है कि अपने निजी स्वार्थों के लिए विवादित कार्य करने वाले अनुशासनहीन भाजपा नेताओं को पूरी तरह नियंत्रित करे। विवादों वाले मुद्दों नेताओं द्वारा खुदको इस संगठन से जुड़े होने का दावा मंच से किए जाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी रोक लगाई जाए। ताकि इनके किए को छाया इस तरह के आयोजनों पर नहीं पड़े।


