अमृतसर। दमदमी टकसाल के प्रमुख एवं संत समाज के अध्यक्ष संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालु युवकों से जुड़े विवाद के बाद उनके खिलाफ दर्ज मामलों और कथित पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है।
ज्ञानी खालसा ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि अब तक सामने आये वीडियो और अन्य तथ्यों से यह प्रतीत होता है कि विवाद की शुरुआत सिख युवकों की ओर से नहीं हुई थी। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने कथित तौर पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सिख युवकों को ही निशाना बनाया, जिससे सिख समुदाय में गहरी नाराजगी और चिंता पैदा हुई है।
उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार किए गए सिख युवकों को तुरंत रिहा किया जाये तथा उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए, जिन्होंने कथित रूप से श्रद्धालुओं पर हमला किया। साथ ही जिन पुलिस अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और कथित दुर्व्यवहार के आरोप हैं, उनके खिलाफ भी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
दमदमी टकसाल प्रमुख ने कहा कि सिख युवकों पर गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज करना, हिरासत के दौरान कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार करना और उनकी दस्तार उतारकर अदालत में पेश किए जाने संबंधी रिपोर्टें अत्यंत गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि दस्तार सिख धर्म में सम्मान, पहचान और आत्मसम्मान का प्रतीक है तथा इससे जुड़ी किसी भी प्रकार की कथित बेअदबी सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करती है।
उन्होंने कहा कि श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में उत्तराखंड सरकार की जिम्मेदारी है कि वह श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करे तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव या उत्पीड़न की भावना को जन्म न लेने दे।
ज्ञानी हरनाम सिंह ने यह भी कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में धार्मिक यात्राओं के दौरान सिख श्रद्धालुओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी प्रकार के नफरत फैलाने वाले या सांप्रदायिक तत्व सक्रिय हैं तो उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास कायम रहे।
उन्होंने बताया कि मामले की वास्तविकता जानने और प्रभावित युवकों को न्याय दिलाने के लिए ज्ञानी साहिब सिंह की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल कर्णप्रयाग के जिला प्रशासन से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल में ज्ञानी सतनाम सिंह, ज्ञानी गुरप्रीत सिंह वैद, ज्ञानी रविंदरपाल सिंह और ज्ञानी अवतार सिंह मालूवाल भी शामिल होंगे। यह दल मामले की विस्तृत जांच और सभी पक्षों को सुनकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करेगा।
दमदमी टकसाल प्रमुख ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और निर्दोष सिख युवकों को न्याय नहीं मिला, तो सिख संस्थाएं और संत समाज इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाने के लिए बाध्य होंगे।



