मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी की एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब स्थानीय टिकट की दावेदारी को लेकर विवाद के बाद वह भोजन बीच में छोड़कर कार्यक्रम स्थल से चले गए।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को आयोजित पीडीए पंचायत कार्यक्रम के बाद सिद्दीकी मीडिया से बातचीत करने पहुंचे थे। प्रेस कांफ्रेंस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद जलपान के दौरान विवाद की स्थिति पैदा हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भोजन के दौरान मौलाना के भतीजे के रूप में पहचाने जाने वाले एक मुस्लिम स्कॉलर ने उनसे मुलाकात कर मुरादाबाद विधानसभा सीट पर स्थानीय प्रत्याशी को टिकट दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने विशेष रूप से इंजीनियर सलीम अख्तर का समर्थन करते हुए कहा कि जनता उन्हें पसंद करती है और पार्टी नेतृत्व तक यह संदेश पहुंचाया जाना चाहिए।
बताया गया कि टिकट को लेकर की गई इस सीधी मांग से नसीमुद्दीन सिद्दीकी नाराज हो गए और उन्होंने भोजन बीच में ही छोड़ दिया। इस दौरान कार्यक्रम आयोजकों ने उन्हें रोकने और स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन वह तुरंत वहां से रवाना हो गए।
घटना के बाद मौजूद मुस्लिम स्कॉलर सूफी तकरीज़ अहमद ने कहा कि उन्होंने केवल पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों की सराहना करते हुए स्थानीय और जनप्रिय चेहरे को टिकट दिए जाने की मांग रखी थी। उन्होंने यह भी कहा कि संभवतः नसीमुद्दीन सिद्दीकी की तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए वह जल्दी चले गए। वहीं कार्यक्रम आयोजकों ने स्वीकार किया कि टिकट को लेकर चर्चा के दौरान विवाद की स्थिति बनी थी और सिद्दीकी ने नाराजगी जाहिर की थी।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले टिकट वितरण को लेकर समाजवादी पार्टी के भीतर बढ़ती अंतर्कलह के रूप में देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांठ विधायक कमाल अख्तर समेत कई नेता मुरादाबाद देहात सीट से टिकट के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं, जिसके चलते पार्टी के भीतर लंबे समय से खींचतान जारी है।



