भ्रामक वीडियो मामले में प्राथमिकी के बाद नेहा सिंह राठौर ने गीत के जरिए साधा निशाना

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लोकगायिका एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर ने गीत के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फेसबुक पर भोजपुरी अंदाज में गीत गाते हुए एक वीडियो साझा किया है, जिसमें प्राथमिकी और कार्रवाई को लेकर सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा गया है।

नेहा सिंह राठौर ने गीत में बात-बात पे ये एफआईआर करवाना, साहेब छोड़ दो ना बेटी-बहुओं को धमकाना… के जरिए अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। गीत की शुरुआत में उन्होंने कहा कि औरत पे जोर दिखावे, ई कैसा मर्दाना? साहेब, छोड़ दो ना बेटी-बहुओं को धमकाना। बात-बात पे ये एफआईआर करवाना…। गीत के जरिए उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर भी कटाक्ष किया। अमेरिका के संदर्भ में सीजफायर, भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और चीन से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छप्पन की छाती जा के सीमा पे फुलाना, साहेब, छोड़ दो ना बेटी-बहुओं को धमकाना।

नेहा ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक का उल्लेख करते हुए अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को भी गीत का हिस्सा बनाया और स्पष्ट किया कि वह गाना बंद नहीं करेंगी। उन्होंने गीत में कहा कि लोकतंत्र है ये, बीता गोरों का जमाना, साहेब, हम गाइब गाना, नाही जाइब कैदखाना।

गीत के अगले हिस्से में उन्होंने स्वयं को आम जनता से जोड़ते हुए कहा कि जनता जानती है कि किसे सत्ता में बैठाना और किसे हटाना है। उन्होंने अपने हौसले को तोड़ना मुश्किल बताते हुए एक बार फिर “साहेब, छोड़ दो ना बेटी-बहुओं को धमकाना दोहराया।

नेहा सिंह राठौर ने वीडियो के साथ साझा पोस्ट में कहा कि उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ में नई प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने के साथ भाजपा ने उनके खिलाफ फिर मुकदमा दर्ज कराना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि मुकदमों के जरिए उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह इससे डरने वाली नहीं हैं।

उन्होंने पोस्ट में राम मंदिर, राजनीतिक चंदे, पेपर लीक और उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए भाजपा और सरकार पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। साथ ही उत्तराखंड के अंकिता भंडारी मामले का जिक्र कर सवाल उठाया कि उस मामले में संबंधित वीआईपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई, जबकि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ये आरोप नेहा सिंह राठौर के सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए हैं और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

उल्लेखनीय है कि रायपुर कमिश्नरेट के सिविल लाइन थाने में नेहा सिंह राठौर और कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। भाजपा प्रवक्ता उज्जवल दीपक की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

मामला भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर से संबंधित एक पुराने वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से जुड़ा है। स्वतंत्रता दिवस के दौरान इस वीडियो को इस दावे के साथ साझा किया गया था कि 15 अगस्त को अजय चंद्राकर ने तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराया। बाद में हुई पड़ताल में सामने आया कि प्रसारित वीडियो 15 अगस्त 2026 का नहीं, बल्कि पहले का था।

पुलिस के मुताबिक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पोस्ट एवं बयानों के माध्यम से ऐसी सामग्री प्रसारित की, जिससे लोगों के बीच भ्रम पैदा होने के साथ सामाजिक विवाद की आशंका थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और उसके प्रसारण से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

इसी वायरल वीडियो से जुड़े एक अन्य मामले में धमतरी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार कुरूद स्थित भाजपा कार्यालय में 22 मार्च 2026 को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी का झंडा फहराए जाने का वीडियो बनाया गया था। आरोप है कि बाद में मूल वीडियो को डाउनलोड कर एडिट किया गया और उसमें धमतरी में तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा, स्वतंत्रता दिवस पर उठे सवाल जैसा भ्रामक संदेश तथा तिरंगे का प्रतीक जोड़कर प्रसारित किया गया।

पुलिस का कहना है कि एडिट किए गए वीडियो को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपलोड किया गया था। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वीडियो एडिटिंग से जुड़े एप मिले। पुलिस के अनुसार न्यूज बनाओं एप की मदद से वीडियो में बदलाव किए गए थे। वीडियो डिलीट किए जाने के बाद इंस्टाग्राम के रिसेंटली डिलीट सेक्शन में भी संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। पुलिस ने इनके स्क्रीनशॉट और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित किए हैं।

इस मामले में पुलिस ने भुनेश्वर निराला (25) और राकेश निराला (35), दोनों निवासी ग्राम जिल्दी, थाना सारंगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, को पूछताछ के बाद 18 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

रायपुर में दर्ज मामले की जांच फिलहाल जारी है। इस बीच नेहा सिंह राठौर ने गीत और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कार्रवाई पर अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी है। उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।