दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं पर टिप्पणी वाली वीडियो फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई

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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने गुरुवार को सिख गुरु तेग बहादुर पर की गई कथित टिप्पणी मामले को विशेषाधिकार समिति को सौंपने एवं टिप्पणी का वीडियो फोरेंसिक जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया गया तथा भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

दिल्ली विधानसभा में तीन बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा तेज हो गया। गुप्ता ने हंगामे के बीच कहा कि सिख गुरुओं के प्रति की गयी टिप्पणी से संबंधित मामले को विशेषाधिकार समिति को जांच करने और रिपोर्ट देने के लिए सौंपा गया है तथा शीतकालीन सत्र को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि सदन में कथित रूप से सिख गुरुओं के प्रति की गयी टिप्पणी से संबंधित मामले की गंभीरता और सदन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए, मैं पूरा मामला विशेषाधिकार समिति को जांच करने और रिपोर्ट देने के लिए सौंपता हूं। साथ ही, विपक्ष के नेता की इस टिप्पणी से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग को भी जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है।

इससे पहले विधायी कार्य मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सदन में कहा कि विपक्ष द्वारा दो दिनों से कार्यवाही बाधित किए जाने के कारण सरकार का महत्वपूर्ण कार्य लंबित है। उन्होंने उप राज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण पर प्रस्ताव पारित करने और प्रदूषण पर चर्चा कराने का उल्लेख करते हुए सदन की अवधि एक दिन बढ़ाने का अनुरोध किया। साथ ही, उन्होंने संबंधित प्रकरण विशेषाधिकार समिति को भेजकर निर्धारित समय-सीमा में जांच कराने का भी निवेदन किया।

इससे पहले दो बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तापक्ष के सदस्य आसान के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष ने सदस्यों को अपने-अपने स्थान पर जाने का बार-बार आग्रह किया। गुप्ता ने कहा कि विपक्ष की नेता अतिशी की वीडियो क्लिप की जांच स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब, दिल्ली को सौंप दी गई है। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित वीडियो क्लिप फॉरेंसिक विभाग को उपलब्ध कराई जाए तथा फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए।

अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि विपक्ष के नेता की वीडियो क्लिप में छेड़छाड़ की गई है। इसी के मद्देनज़र, सत्ता पक्ष की सहमति से उक्त वीडियो को जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही, विपक्ष के नेता को बार-बार सदन में बुलाए जाने के बावजूद उन्होंने अभी तक अपना पक्ष सदन के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया है। इसी कारण वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए यह जांच करायी जा रही है।

दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही गुरु तेग बहादुर पर विपक्ष के नेता आतिशी के विवादित बयान को लेकर हंगामा शुरू हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्य आसन के समीप पहुंचकर आतिशी के खिलाफ नारेबाजी कर माफी और कार्यवाही की मांग करने लगे। विधायकों का हंगामा देखकर गुप्ता को सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।

पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जंगपुरा से भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने मंगलवार को गुरु तेग बहादुर को लेकर विपक्ष की नेता की ओर से दिए गए आपत्तिजनक बयान को लेकर बोलना शुरू किया। उसी दौरान कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और भाजपा सदस्य अरविंदर सिंह लवली ने विपक्ष के नेता पर कार्रवाई की मांग करने लगे। भाजपा सदस्यों ने आसन के समीप पहुंचकर आम आदमी पार्टी और आतिशी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आतिशी सदन में मौजूद नहीं थीं।

विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामा देखते हुए पहले सदन की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित की, दोबारा सदन शुरू हुआ तो विधायकों ने फिर हंगामा किया। फिर सदन की कार्रवाई को दोबारा 30 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता को सदन में आकर स्पष्टीकरण देने की बात कही। उन्होंने माना कि मंगलवार को आतिशी ने जो बोला है, वह आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मुद्दा है। इस पर विपक्ष के नेता को सदन में स्पष्टीकरण देना चाहिए, मगर आतिशी सदन में नहीं आई।