पुणे। महाराष्ट्र की पुणे पुलिस ने यौन शोषण के एक मामले में स्वयंभू धर्मगुरु राधामोहन मिश्रा, उसके एक सहयोगी और छह महिला अनुयायियों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि वर्ष 2013 में उबाले नगर स्थित आश्रम में रहने के दौरान उसके साथ यौन शोषण किया गया। उसने आरोप लगाया कि आश्रम की महिला अनुयायी कथित तौर पर प्रताड़ना को उचित ठहराती थीं और विरोध करने पर उसे शारीरिक यातनाएं दी जाती थीं।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध मिश्रा के कमरे में भेजा गया तथा उसे नशीले इंजेक्शन दिए गए। इन आरोपों के आधार पर खराडी पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में एक रोचक मोड़ तब आया जब गिरफ्तार छह महिला आरोपियों ने बॉम्बे उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दावा किया कि प्राथमिकी दर्ज होने से पहले उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था।
उच्च न्यायालय ने मामले में आरोपियों को निचली अदालत में जमानत याचिका दायर करने की अनुमति दी है। साथ ही महाराष्ट्र सरकार को गिरफ्तारी के समय संबंधी विवरण पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।



