मूक-बधिर नाबालिग पोती से रेप के दोषी दादा को 25 साल की सजा

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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने मूक-बधिर नाबालिग पोती से बार-बार रेप करने के मामले में दोषी पाए गए 71 वर्षीय व्यक्ति को 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

विशेष अदालत के न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 25 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने, आईपीसी की धारा 506 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास एवं जुर्माना तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 12 के तहत एक वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए दोषी पर 10.30 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

विशेष न्यायाधीश ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी ने रिश्ते में निहित विश्वास को तोड़ा और लंबे समय तक नाबालिग के साथ यौन अपराध किए। अदालत ने माना कि पीड़िता का विशेष रूप से दिव्यांग (मूक-बधिर) होना इस अपराध को और अधिक गंभीर बनाता है और इसे अत्यंत जघन्य अपराध”? करार दिया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी ने वर्ष 2017 से जब पीड़िता विशेष बच्चों के स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ रही थी, उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। सितंबर 2022 में पीड़िता ने स्कूल पहुंचकर सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपनी शिक्षिका को आपबीती बताई। उसने बताया कि उसके दादा ने उसे अश्लील वीडियो दिखाए और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने घर पर दुष्कर्म किया और पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी।