अजमेर। अपराध और नकारात्मकता के माहौल से दूर रचनात्मकता की एक अनूठी तस्वीर अजमेर की उच्च सुरक्षा कारागृह में देखने को मिली। यहां बंद एक कैदी ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की नौ फीट ऊंची प्रतिकृति तैयार कर उन्हें अनूठे अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की। कागज और बैनर की मदद से बनाई गई इस कलाकृति ने जेल में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का ध्यान आकर्षित किया।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार, 31 अक्टूबर को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बंदी आरिफ उर्फ सिकंदर द्वारा तैयार की गई नौ फीट ऊंची प्रतिकृति रही। आरिफ ने अपनी रचनात्मक कला का परिचय देते हुए कागज और बैनर के सहारे सरदार पटेल की आकर्षक आकृति तैयार की। साथी बंदियों और जेल स्टाफ ने इस प्रयास की सराहना की।
रन फॉर यूनिटी के साथ दिलाई एकता की शपथ
कारागृह अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर बंदियों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरदार पटेल की प्रतिकृति के समक्ष बंदियों ने रन फॉर यूनिटी में भाग लिया। इसके बाद सभी को देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।
समारोह में सरदार पटेल के जीवन, उनके संघर्ष और देशी रियासतों के एकीकरण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसके अलावा देशभक्ति गीत, कविता पाठ, चित्रकला और नारा लेखन जैसी गतिविधियों के जरिए बंदियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
नशे से दूर रहने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ सामाजिक सुधार और नशामुक्ति पर भी जोर दिया गया। इसके लिए नशामुक्ति हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। बंदियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। इस दौरान बंदियों ने हस्ताक्षर कर नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
सुधार और सकारात्मक बदलाव पर जेल प्रशासन का जोर
अधीक्षक पारस जांगिड़ के अनुसार कारागृह का उद्देश्य केवल बंदियों को निरुद्ध रखना नहीं, बल्कि उनकी छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी है। आरिफ द्वारा तैयार की गई सरदार पटेल की प्रतिकृति इस दिशा में एक उदाहरण है। उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर बंदियों की प्रतिभा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
उच्च सुरक्षा कारागृह में आयोजित सभी गतिविधियां निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी के बीच संपन्न हुईं। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी, आपसी सद्भाव और नशामुक्त जीवन का संदेश दिया गया।



