अन्तरराष्ट्रीय रंगमंच दिवस पर अजमेर में भी जगमगा रही थी एक लौ

अजमेर। सूरज ढल चुका था, शाम भी रात के आगोश में सिमटी जा रही थी। इस सबके बीच ध्रुव तारे की चमक की तरह अजमेर शहर के एक मोहल्ले की छत पर रात के सन्नाटे को चीरते हुए संवादों की गूंज इस बात का प्रमाण थी कि नाट्यकला की लौ को रंगकर्म का कोई कला साधक जलाए हुए है। गजब बात यह रही कि लाखों की आबादी वाले इस शहर में गिनती के कुल जमा 100 दर्शक किसी बडे थियेटर से इतर छोटी सी छत पर अन्तरराष्ट्रीय रंगमंच दिवस पर ‘पाश्चाताप’ का आनंद उठा रहे थे।

मौका था अजमेर के वरिष्ठ रंगकर्मी वयोवृद्ध लाखन सिंह की ओर से लिखित और निर्देशित नाटक के मंचन का। मोती विहार कॉलोनी रामनगर में वे अपने की घर की सिर ढंकने को बनी छत को मिनी थिएटर का रूप देकर रंगकर्म की रोशनी को बुझने नहीं दे रहे। उम्र के सबसे कठिन पडाव पर भी नाट्य विद्या के प्रति उनके समर्पण की झलक ‘नाटक में नाटक पश्चाताप’ में जीवंत हो उठी। आधुनिक नाट्य कला संस्थान के बैनर तले मंचित नाटक में एक कला साधक के समक्ष आने वाली कठिनाईयों को हास्य और विनोद के रस में डुबोकर करीब सवा घंटे तक दर्शकों को हंसाने और गुदगुदानेे में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडी।

आधुनिक नाट्य कला संस्थान के संस्था के अध्यक्ष डॉ हरबंस सिंह दुआ ने बताया की 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस पर मंचित ‘नाटक में नाटक पश्चाताप’ का लेखन व निर्देशन लाखन सिंह ने किया है। इस नाटक में किस भी नाटक की रिहर्सल शुरु होने से लेकर उसके मंचन तक के सफर में निर्देशक को होने वाली परेशानियों, कलाकारों की व्यस्तता तथा व उनसे होने वाली परेशानियों से जूझते हुए भी नाटक के पूरे ना होने, बाद में पश्चाताप के हालात को सामाजिक हास्य व्यंग्य के रूप मे प्रस्तुत किया गया। नाटक का सहायक निर्देशन विकल्प सिंह व उज्जवल मित्रा ने किया।

डायरेक्टर अनिल की भूमिका में उज्जवल मित्रा, डायरेक्टर की पत्नी की भूमिका होशिका भाटिया, कचरा बीनने वाली नायिका के रूप मे चारू लता, नेताजी विकल्प सिंह, अनिल के मित्र की भूमिका में लव शर्मा, रोतलू की भूमिका में पवन जोशी, फन्नी डिसुजा की भूमिका में अंशुल शर्मा के साथ ही बाल कलाकारों में अर्णव शर्मा व अथर्व सिंह ने सधे हुए कलाकारों की तरह प्रस्तुति दी। पार्श्व में मीना सिंह, प्रिंस, उत्तम कोठारी व कल्याण चौधरी ने मोर्चा संभाले रखा।

संगीत व प्रकाश व्यवस्था अनिल कुमार (पुष्कर) की ओर से की गई। संयोजक नरेंद्र भारद्वाज ने बताया इस नाटक का मंचन जून में प्रस्तावित तीन दिवसीय अजमेर नाट्य समारोह में किया जाएगा। अन्य नाटक जयपुर के कलाकारों के द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे।