जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ

0

जयपुर। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर में जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ किया। वैष्णव एवं शर्मा ने खातीपुरा रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान मेगा कोचिंग टर्मिनल खातीपुरा एवं रेलवे स्टेशनों पर उन्नत यात्री सुविधाओं का शुभारंभ भी किया।

उन्होंने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। उन्होंने सीकर के सुंदरपुरा में रेलवे स्टेशन विकसित करने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे खाटूश्यामजी के लाखों श्रद्धालुओं का सफर आसान होगा। उन्होंने कहा कि जयपुर में विकसित मेगा कोचिंग टर्मिनल रेलवे अवसंरचना को नई मजबूती प्रदान करेगा, यहां लगभग 450 रेलगाड़ियों का रखरखाव किया जा सकेगा। इससे परिचालन दक्षता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।

इस मौके शर्मा ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त रेलवे नेटवर्क देश की प्रगति का मजबूत आधार बन रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण से राजस्थान में व्यापार, पर्यटन, शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को नई गति मिल रही है तथा प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई रेल सेवाएं प्रदेशवासियों के सफर को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी। उन्होंने कहा कि नयी ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्रीय विकास, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को नई दिशा प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प में रेलवे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले एक दशक में रेलवे के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के माध्यम से ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। देशभर में विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं तथा हर क्षेत्र तक रेल कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है।

शर्मा ने कहा कि जहां वंदे भारत ट्रेनें गति और आधुनिकता के नए मानक स्थापित कर रही हैं, वहीं नमो भारत रैपिड रेल शहरी कनेक्टिविटी को नयी दिशा दे रही है। अमृत भारत ट्रेनें आम यात्रियों को बेहतर एवं किफायती यात्रा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं, जबकि भारत गौरव ट्रेनें देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचा रही हैं।

उन्होंने कहा कि रेलवे का बढ़ता विद्युतीकरण भारत को हरित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। नये रेल मार्ग, आधुनिक स्टेशन और अत्याधुनिक टर्मिनल देश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान कर रहे हैं। चिनाब ब्रिज और बोगीबील ब्रिज जैसी परियोजनाएं भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का विश्वस्तरीय उदाहरण हैं।

शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को रेलवे विकास की ऐतिहासिक सौगातें मिली हैं। वर्ष 2009 से 2014 के दौरान राजस्थान को रेलवे के लिए औसतन 682 करोड़ रुपए का बजट मिलता था, जो वर्ष 2026-27 में 15 गुना वृद्धि के साथ 10 हजार 228 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 76 हजार 800 करोड़ रुपए से अधिक लागत की रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। प्रदेश में पांच जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं संचालित हो रही हैं।

वर्ष 2014 से अब तक लगभग तीन हजार 900 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का निर्माण किया गया है। इसके अलावा दरभंगा-अजमेर अमृत भारत एक्सप्रेस के बाद अब जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात प्रदेश को मिली है। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर राजस्थान की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। प्रदेश में 567 रूट किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर लगभग 14 हजार 700 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। शक्ति कार्गा टर्मिनल योजना के अंतर्गत अनेक टर्मिनल स्थापित किये जा चुके हैं तथा कई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आगरा-बांदीकुई दोहरीकरण, अजमेर-चित्तौड़गढ़ दोहरीकरण, पुष्कर-मेड़ता नई रेल लाइन, सवाई माधोपुर-जयपुर दोहरीकरण, लूनी-भीलड़ी दोहरीकरण, श्योपुर कलां-कोटा नई रेल लाइन, तारंगा हिल-आबू रोड नयी रेल लाइन तथा मथुरा-नागदा तीसरी एवं चौथी रेल लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकास को नयी गति दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि जयपुर का खातीपुरा क्षेत्र भविष्य में रेलवे के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं और जयपुर के विस्तारित स्वरूप को ध्यान में रखते हुए यहां 205 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस टर्मिनल से वंदे भारत, डेमू एवं एलएचबी रेक सहित विभिन्न प्रकार की ट्रेनों का मेंटेनेंस एक ही स्थान पर किया जा सकेगा।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह टर्मिनल उत्तर पश्चिम रेलवे की मेंटेनेंस क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेगा तथा जयपुर जंक्शन पर परिचालन दबाव कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं दरभंगा सांसद गोपाल ठाकुर वीसी के जरिए जुड़े। इस दौरान चौधरी ने कहा कि इस नई ट्रेन की सौगात मिलने से न केवल बिहार और राजस्थान का सम्पर्क मजबूत होगा, वहीं बिहार के लाखों नागरिकों के लिए राजस्थान का सफर भी आसान बनेगा।

इस अवसर पर राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का निरंतर विस्तार हो रहा है। पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं तथा विश्वस्तरीय रेलवे अवसंरचना और यात्री सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। इससे आमजन को बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित यात्रा एवं आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम में सांसद धनश्याम तिवाड़ी एवं मंजू शर्मा, विधायक कैलाश चंद वर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे।