गैंगरेप से दहला बैतूल, डर के साए में युवती ने तवा पुल से लगाई छलांग

बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सामूहिक दुष्कर्म की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। रानीपुर थाना अंतर्गत घोड़ाडोंगरी चौकी क्षेत्र में बदनामी और पारिवारिक भय के चलते रेप पीड़िता ने तवा पुल से छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल युवती का उपचार बैतूल जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता पिछले दो माह से आरोपी शंभू नवडे के संपर्क में थी। तीन जनवरी की देर रात शंभू युवती को यह कहकर घर से ले गया कि वे घूमने जा रहे हैं। इस दौरान आरोपी रावत सिंह उइके शंभू को युवती के घर तक छोड़ने आया था, जिसके बाद दोनों जंगल की ओर चले गए।

रातामाटी क्षेत्र में शंभू नवडे ने युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने अपने साथी पंकज उइके को भी मौके पर बुला लिया। पंकज उइके ने भी युवती के साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने युवती को अपने साथ ले जाने से इनकार कर दिया और उसे अकेला छोड़कर फरार हो गए।

घटना के बाद भयभीत युवती किसी तरह घर लौटने का प्रयास कर रही थी। उसे आशंका थी कि घर पहुंचने पर उसके साथ मारपीट की जाएगी। इसी मानसिक दबाव और डर के चलते युवती ने तड़के करीब चार बजे तवा पुल से छलांग लगा दी। इस घटना में उसके सिर और कमर में गंभीर चोटें आईं।

सुबह बांसपानी क्षेत्र के ग्रामीणों ने पुल के नीचे युवती को घायल अवस्था में देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को पहले घोड़ाडोंगरी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बैतूल जिला अस्पताल रेफर किया गया।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने शंभू नवडे (24), पंकज उइके (28) और रावत सिंह उइके (23), तीनों निवासी ग्राम भातोड़ी, थाना चोपना के खिलाफ धारा 70(1) एवं 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है। घोड़ाडोंगरी चौकी प्रभारी आम्रपाली डहाट ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए साक्ष्य जुटाए और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।