भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने लगभग चार लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया, जिसके तहत किसी नए कर का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया।
बजट 2026-27 में राजस्व आधिक्य 44.42 करोड़ रहने का अनुमान है। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के पुनरीक्षित अनुमान से 10.69 प्रतिशत से अधिक है।
देवड़ा ने अपने लगभग डेढ़ घंटे के बजट संबोधन की शुरुआत में स्पष्ट किया कि बजट का मुख्य फोकस ज्ञानी (जीवायएएनआईआई) है। इसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के साथ-साथ औद्योगीकरण एवं अधोसंरचना को भी जोड़ा गया है। साथ ही उन्हाेंने बताया कि मध्यप्रदेश ने इस बार रोलिंग बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें 2026-27 के बजट अनुमान के साथ 2027-28 एवं 2028-29 के राेलिंग बजट का भी अनुमान लगाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ये पहल करने वाला देश का पहला प्रदेश है।
उन्होंने बताया कि सिंहस्थ से जुड़े 13 हजार 851 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके लिए 2026-27 के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कृषि बजट हेतु 1,15,013 करोड़ प्रस्तावित हैं। बजट में कोई नवीन कर नहीं अधिरोपित किया गया है और ना ही वर्तमान कर दरों में कोई इजाफा किया गया है।
बजट प्रस्ताव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाकर पौधरोपण के लिए नई समृद्धि वन योजना, लकड़ी की जरूरत पूरी करने और आय बढ़ाने निजी भूमि पर पौधारोपण की कृषि वानिकी योजना और आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के वन संरक्षण हेतु जनजातीय देव लोक वनों की संरक्षण योजना शुरु करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही शहरों में बुनियादी विकास के लिए द्वारिका योजना भी प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत आने वाले तीन सालों में पांच हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
बजट में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 883 करोड़ रुपए, विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 10 हजार 428 करोड़ रुपए, जल जीवन मिशन नेशनल रुरल ड्रिंकिंग वॉटर मिशन के अंतर्गत 4 हजार 454 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चार हजार 600 करोड़ रुपए, सरकारी प्राथमिक शालाओं की स्थापना के अंतर्गत 11 हजार 444 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
राज्य के वित्त मंत्री देवड़ा ने बजट में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक प्रदेश है। उन्होंने राज्य से नक्सलवाद के सफाए का भी जिक्र किया।
लगभग पूरे बजट संबोधन के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों की ओर से विरोध प्रदर्शन और टोका-टोकी का दौर जारी रहा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट को असत्य का पुलिंदा बताते हुए रोजगार के अवसर कम होने का आरोप लगाया। कांग्रेस के एक अन्य विधायक ओंकार सिंह मरकाम बजट संबोधन के दौरान ही सांकेतिक तौर पर कटोरा लेकर आसंदी के पास तक चले गए। अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर आपत्ति जताते हुए उन्हें बजट संबोधन पूरा होने पर अपनी बात कहने के निर्देश दिए।
देवड़ा के संबोधन के बाद अध्यक्ष तोमर ने बजट पर चर्चा के लिए 20 फरवरी की तारीख नियत की, जिसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।



