अंपायर की हत्या के कोशिश के मामले में 36 साल बाद आरोपी मुंबई पुलिस के हत्थे चढा

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मुंबई। मुंबई पुलिस ने करीब 36 साल पहले क्रिकेट अम्पायर की हत्या की कोशिश के मामले में 55 साल के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि यह व्यक्ति 1990 में मैदान पर हुए एक झगड़े के बाद क्रिकेट अंपायर की हत्या की कोशिश के मामले में कथित तौर पर गिरफ़्तारी से बच रहा था।

आरोपी की पहचान ओम प्रकाश ललता पासी के तौर पर हुई है। घटना के समय वह 18 साल का था और बोरीवली थाना में दर्ज अपराध संख्या 92/1990 के मामले में वांछित था। पुलिस के मुताबिक, पासी बोरीवली में एक क्रिकेट मैच खेल रहा था, तभी अंपायर ने उसे आउट करार दिया।

इस फ़ैसले से नाराज़ होकर उसने कथित तौर पर अंपायर पर बल्ले से हमला किया और अंपायर को गंभीर रूप से घायल हालत में छोड़कर मौके से भाग गया। पुलिस ने बताया कि अन्य खिलाड़ियों और पुलिस के दखल देने और समय पर इलाज के लिए ले जाने के बाद अंपायर की जान बच सकी थी।

इसके बाद पासी कई बार अदालत की कार्यवाही में शामिल नहीं हुआ और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि वह बार-बार अपना घर और सम्पर्क नंबर बदलकर इतने सालों तक गिरफ्तारी से बचता रहा।

हाल ही में आरोपी का पता लगाने के लिए फिर से कोशिशें शुरू की गईं। टेक्निकल जानकारी और लगातार निगरानी के आधार पर जांच करने वालों को उसके ठिकाने के बारे में पता चला और उसकी पहचान की पुष्टि की गई। इसके बाद बोरीवली पुलिस की एक टीम ने ठाणे जिले के मीरा रोड (पूर्व) में पूनम रेजिडेंसी के एक घर में छापा मारा और पासी को पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि वह उसी घर में रह रहा था और एक निजी तौर पर नौकरी कर रहा था।

यह अभियान पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जोन-11 संदीप घुगे, एसीपी संतोष धनवते, वरिष्ठ निरीक्षक पुष्पलता मांडले और पीआई (अपराध ) दिग्विजय पाटिल की देखरेख में चलाया गया। पीएसआई अतुल लांडगे, एएसआई भालचंद्र थोराट, हेड कांस्टेबल सुशांत तांबे और कांस्टेबल कैलास उगले और कदम गिरफ्तारी टीम का हिस्सा थे।