पतंग के पीछे भागते समय खुले नाले में गिरे किशोर का नहीं मिला सुराग, तलाशी अभियान बंद

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नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जसोला में पतंग के पीछे भागते समय एक 15 वर्षीय लड़का मिथुन खुले नाले में गिर गया और उसके बाद से उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पायी है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि घटना के बाद किशोर की तलाश के लिए बहु-एजेंसी खोज अभियान शुरू किया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की तलाश दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) और बोट क्लब ने संयुक्त रूप से की। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बहाव बहुत तेज होने के कारण लड़का नहीं मिल सका। उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार को अभियान रोक दिया गया, क्योंकि लड़के के मिलने की अब कोई उम्मीद नहीं बची थी।

अग्निशमन सेवा कर्मियों ने बताया कि यह घटना शनिवार सुबह करीब 11:00 बजे हुई। बताया जा रहा है कि किशोर पतंग के पीछे भाग रहा था, तभी वह खुले नाले में गिर गया। करीब एक घंटे बाद, परिजनों ने शोर मचाया और सुबह 11:54 बजे अधिकारियों को घटना की सूचना दी। लड़के के लापता होने की सूचना मिलने के बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। लड़के की तलाश के लिए गोताखोरों सहित एनडीआरएफ के जवानों को भी तैनात किया गया।

मीडिया से बात करते हुए लड़के के पिता अवधेश कुमार ने बताया कि पुलिस टीम दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे के बीच मौके पर पहुंची। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ और गोताखोर भी आए, लेकिन उनमें से किसी ने कोई अभियान नहीं चलाया। अगर उन्होंने ऐसा किया होता, तो कम से कम हमें अपने बच्चे का शव तो मिल जाता।

दुखी पिता ने कहा कि अगर करीब 4-5 फीट गहरा नाला ढका होता, तो उनका बच्चा आज जिंदा होता। निराशा जताते हुए उन्होंने कहा कि हम बस इतना चाहते हैं कि हमारे बच्चे का शव मिल जाए। हम अधिकारियों से और कुछ नहीं चाहते।

जसोला हादसे की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अधिकारियों ने कहा कि हम साफ कर दें कि ओखला एसटीपी से उपचारित अपशिष्ट जल ले जाने वाला यह कच्चा नाला एमसीडी को सौंपा जा चुका है।डीजेबी अब इसका रखरखाव नहीं करता है। टिप्पणी के लिए एमसीडी अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।