Monday , 24 September 2018

भाजपा अध्यक्ष से मिले ‘वचन’ के बाद राजी हुए नितिन पटेल

After Amit Shah 'assurance', Nitin Patel takes charge as Gujarat deputy
After Amit Shah ‘assurance’, Nitin Patel takes charge as Gujarat deputy

अहमदाबाद। दो दिन तक नाराज रहने और पटेल समुदाय के विरोध जताने के बाद गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने रविवार को विजय रूपाणी की अगुवाई वाली कैबिनेट में शामिल होकर कामकाज संभाल लिया।

नितिन पटेल ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने पटेल को उनके पास पहले रहे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को वापस दिलाने का वचन दिया है। नितिन पटेल उनसे अहम मंत्रालय छीने जाने के कारण दो दिन से नाराज थे, जिसके बाद प्रदेश में पटेल समुदाय के सदस्य सक्रिय विरोध पर उतर आए थे।

अमित शाह से मिले वचन के तुरंत बाद पटेल ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर गांधीनगर में कार्यभार संभाला। नितिन पटेल सातवीं बार विधानसभा में चुनकर आए हैं। पटेल से वित्त, पेट्रोरसायन और शहरी विकास मंत्रालय ले लिए गए और उन्हें स्वास्थ्य व परिवार कल्याण समेत कम महत्व के मंत्रालय प्रदान दिए गए। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने विरोध किया था।

भाजपा नेतृत्व के इस कदम के बाद प्रदेश में पटेल समुदाय नितिन पटेल के समर्थन में विरोध पर उतर आया। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने नितिन पटेल से भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का आग्रह किया था। मंत्री ने खुद कहा था कि इससे उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंची है।

पटेल ने रविवार को मीडिया को बताया कि अमित शाह ने उन्हें उनके कद के अनुरूप विभाग दिए जाने का वचन दिया है। मुख्यमंत्री रूपाणी रविवार को विभागों की सूची राज्यपाल को सौपेंगे। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने मुझे मेरे कद के योग्य विभाग प्रदान करने का भरोसा दिलाया है।

पटेल ने आगे कहा कि मैं अपने समर्थकों से सोमवार को मेरी मांग के पक्ष में प्रस्तावित बंद को वापस लेने का आग्रह करता हूं। मुझे प्रदान किए जाने वाले विभागों के बारे में रूपाणी जल्द ही राज्यपाल को एक औपचारिक अनुरोध भेजेंगे।

पिछली सरकार में उनके पास रहे मंत्रालय लिए जाने पर पटेल ने नई सरकार में उनको सौंपे गए मंत्रालयों का कार्यभार नहीं संभाला था। भाजपा ने वित्त मंत्रालय पूर्व वित्त मंत्री सौरभ पटेल (दलाल) को प्रदान किया था। नितिन के पास रहे दो मंत्रालय मुख्यमंत्री ने अपने पास रखे थे।

भाजपा समर्थकों समेत पाटीदार समुदाय के अधिकांश समर्थक इससे उत्तेजित थे। उन्होंने नितिन पटेल को मुख्यमंत्री बनाने की भी मांग की थी।

हार्दिक पटेल की अगुवाई में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के साथ पाटीदार आंदोलन में अग्रणी रहे सरदार पटेल समूह ने भी नितिन पटेल का समर्थन किया था और सोमवार को प्रदेशव्यापी बंद का एलान किया था।

उधर, वित्त मंत्री सौरभ पटेल, जिनसे वित्त मंत्रालय वापस लिए जाने की संभावना है, ने कहा कि मैं पार्टी हाई कमान के फैसले का सम्मान करता हूं।

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