मुख्यमंत्री योगी ने किए रामलला के दर्शन, मांगा सुख-समृद्धि-सुरक्षा का आशीर्वाद

CM yogi adityanath visits ram janmabhoomi site in ayodhya on diwali
CM yogi adityanath visits ram janmabhoomi site in ayodhya on diwali

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपावली के अवसर पर श्रीराम की नगरी अयोध्या से देश व प्रदेशवासियों को दीपोत्सव की शुभकामना एवं बधाई दी। वे छोटी दिवाली पर अध्योध्या में ​त्रेतायुग जैसा भव्य दिवाली मनाने के बाद गुरुवार को रामजन्मभूमि जाकर रामलला के दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि व सुरक्षा के लिए आशीर्वाद मांगा।

योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के दिन की शुरुआत अयोध्या में हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा अर्चना से की। मंदिर प्रशासन ने मुख्यमंत्री को भगवा पटका (सरोपा-गमछा) भेंट किया। मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी ने कहा ‘मैं यहां प्रदेश की सुख, समृद्धि और सुरक्षा की कामना के लिए आया हूं। इसके बाद सीएम योगी ने सुग्रीम मंदिर पहुंचकर पूजा अचर्ना की। यहां से श्रीरामलला के दर्शन किए।

मुख्यमंत्री ने श्रीराम आन्दोलन के विशेष आश्रमों में भी मात्था टेका। मणीरामदास छावनी में ​श्रीरामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महन्त नृत्यगोपाल दास, वेदान्ती आश्रम के श्रीरामविलास दास वेदान्ती तथा दिगम्बर अखाड़ा(परमहंस आश्रम) के सन्त सुरेशदास महाराज से मुलाकात की।

रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि श्रीराम जन्मभूमि में श्रद्धालु देश और दुनिया से आते हैं। उनकी सुरक्षा और सुविधा, साफ़-सफाई देखने के लिए भी मैं वहां गया। योगी ने कहा कि एक मुख्यमंत्री होने के नाते यह मेरा कर्तव्य और जिम्मेदारी है कि सूबे के सभी स्थलों का विकास हो। इसके लिए मैं संकल्पित भी हूं।

अयोध्या में दिवाली मनाने पर विपक्ष के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “इसमें मेरी व्यक्तिगत आस्था है। उसमें विपक्ष कैसे हस्तक्षेप कर सकता है। दिवाली पर्व अयोध्या की देन है। आज पूरा देश और विश्व मर्यादा पुरुषोत्तम राम की वजह से यह त्यौहार मनाया जाता है।

अयोध्या दौरे पर विपक्ष द्वारा हमले करने की सवाल पर कहा कि विपक्ष मुद्दा विहिन बेरोजगार है। इसलिए कुछ न कुछ तो बोलेगा। उन्होंने कहा कि विपक्षियों के पास कोई काम नहीं है। यूपी में अब एक पारदर्शी सरकार है और जहां तक विपक्षियों की बात है तो वो नकारात्मक लोग हैं, उनसे कोई सकारात्मक चीज की उम्मीद कैसे कर सकता है। दीपावली पर अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने के सवाल पर कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश मेरा परिवार है।

उन्होंने कहा कि सरकार अयोध्या के विकास को लेकर संकल्पित है। इससे न केवल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार भी मिलेगा। कहा कि अयोध्या में कुछ मूलभूत चीजों को दुरुस्त करने की जरूरत है और उसके लिए मैंने प्रशासन को आदेश भी दिया है।

उन्होंने कहा कि यहां जल निकासी व्यवस्था, पीने का पानी और टॉयलेट जैसी आधारभूत चीजें शुरू से ठीक करनी होंगी और इसके लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां स्वच्छ भारत अभियान को ठीक तरह से लागू किए जाने की जरूरत है और प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि लोगों को सभी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।

उल्लेखनीय है​ कि अयोध्या ने एक दिन पहले ही यानी छोटी दीवाली को ही दीपावली मना ली। अपने तरह के अनूठे दीपोत्सव के मौके पर रामनगरी त्रेता युग की साक्षी बनी। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दो केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और केजे अल्फोन्स, दो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, डा. रीता बहुगुणा जोशी समेत उत्तर प्रदेश सरकार का लगभग समूचा मंत्रिमंडल रामभक्ति में सराबोर दिखा। पुष्पक विमान रूपी हेलीकाप्टर से प्रभु राम, सीता व लक्ष्मण का अवतरण हुआ। खुद राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने भगवान राम के स्वरूप का राज्याभिषेक किया।

दीपावली की पूर्व संध्या पर रामकथा पार्क में आयोजित भव्य दीपोत्सव एवं श्रीराम राज्याभिषेक समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर से पहले केंद्र की मोदी सरकार की मदद से अयोध्या का नवनिर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समूची कार्ययोजना बन चुकी है। यह पहला चरण है। इसके अनुरूप केंद्र व प्रदेश सरकार मिल कर चार चरणों में राम की नगरी को विश्व स्तर के पर्यटन हब के रूप में विकसित करेंगे। समूचे विश्व के रामभक्तों को बदली हुई नई अयोध्या की सौगात आने वाले समय में मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में 133 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया जा रहा है। जल्द ही रामनगरी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। अगले वर्ष से प्रतिवर्ष यहां आयोजित होने वाले रामायण मेले का नजारा भी बदले जाने की तैयारी है।