
‘क्वीन’ का जादू दोबारा चलने का भरोसा : तमन्ना भाटिया

HINDI HEALTH TIPS महिलाएं इस आयुर्वेदिक उपाए से बढ़ाए अपने स्तन के भाग को

महिलाएं को हमेशा खूबसूरत माना गया हैं. वही महिलाओं को अपने स्तन भी फ़िक्र रहती हैं. अगर आप अपने शरीर को सही आकार में लाना चाहती हैं, तो पतली कमर के साथ ही स्तनों का आकार भी बेहद अहम है। यदि आप चाहती हैं, स्तनों के उभार को सही आकार में लाकर बढय़िा बॉडी फिगर पाना, तो यह आयुर्वेदिक उपाय आपके लिए है –
महिला अपने स्तनों से ही खुबसुरत दिखती है।
1 बरगद के पेड़ की जटा के बारीक नर्म रेशों को पीसकर लेप बनाएं और इस लेप को अपने स्तनों पर लगाएं। इस प्रयोग को करने से स्तनों का ढीलापन दूर होता है और कठोरता आती है।
2 स्तनों की शिथिलता दूर करने के लिए एरण्ड के पत्तों को सिरके में पीसकर स्तनों पर गाढ़ा लेप करने से कुछ ही दिनों में स्तनों का ढीलापन दूर होगा। कुछ व्यायाम भी हैं, जो वक्षस्थल के सौंदर्य और आकार को बनाए रखने में मददगार साबित होंगे।
3 छोटी कटेरी नामक वनस्पति की जड़ व अनार की जड़ को पानी के साथ घिसकर गाढ़ा लेप करें। इस लेप को स्तनों पर लगाने से कुछ दिनों में स्तनों का ढीलापन दूर हो जाता है।
4 फिटकरी 20 ग्राम, गैलिक एसिड 30 ग्राम, एसिड आफ लेड 30 ग्राम, तीनों को थोड़े से पानी में घोलकर स्तनों पर लेप करें और एक घंटे बाद शीतल जल से धो डालें। लगातार एक माह ऐसा करने से स्तनों में कसाव आएगा, ढीलापन समाप्त होगा और वे सही आकार में आ जाएंगे।
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5 गंभारी की छाल 100 ग्राम व अनार के छिलके सुखाकर कूट-पीसकर महीन चूर्ण कर लें। दोनों चूर्ण 1-1 चम्मच लेकर जैतून के इतने तेल में मिलाएं कि लेप गाढ़ा बन जाए। इस लेप को स्तनों पर लगाकर अंगुलियों से हल्की-हल्की मालिश करें। आधा घंटे बाद कुनकुने गर्म पानी से धो लें।
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फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने लोगों को बांटने पर माफी मांगी

सैन फ्रांसिस्को। फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने सोशल मीडिया के इस मंच के जरिए लोगों को बांटने और उन्हें ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगते हुए कहा कि वह आगे बेहतर काम करेंगे।
बीवी सुबह सुबह उठ कर सीधे मेकअप करने लगी..
5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं फेल विद्यार्थी निराश ना हो, हमसे आकर मिलें।
2 चीज़ें साथ जरूर लायें…
एक तगारी, एक फावड़ा!
भूरा ठेकेदार
पतंजलि के बिस्कुटों का वजन कम निकलने पर बाबा रामदेव का कहना है,
हमने तो तोलकर ही पैक किये पर बिस्कुटों ने योग करके अपना वजन कम कर लिया।
बैंक में एक भी रूपया जमा नहीं किया। फिर भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस आया, लिखा था,
“कुछ तो कमा बेशर्म”!
औरतें इतनी चालाक होती जा रही हैं।
कल मैंने मज़ाक में अपनी साली से कहा, “साली तो आधी घरवाली होती है।”
अब वो आधी सैलरी मांग रही है।
बीवी सुबह सुबह उठ कर सीधे मेकअप करने लगी, पति की आँख खुली।
पति: पागल हो गई हो जो सुबह सुबह मेकअप कर रही हो?
पत्नी: चुप रहो, मैंने अपने फोन पर चेहरा देखकर खुलने वाला लॉक लगाया था, अब फोन मुझे पहचान नहीं रहा है।
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OMG आप भी है खर्राटों से परेशान पाइये खर्राटे से छुटकारा
जब हम ज्यादा थके हुए होते हैं, तो रात में सोते समय खर्राटें लेते हैं। और पास में सोने वाले भी हमसे परेशान होने लगते हैं जिस से हमें शर्मिंदगी महसूस होती हैं, पर क्या आप जानते हैं कि खर्राटों का कारण खुले मुंह से सांस लेना और जीभ एवं टॉन्सिल के पीछे की सॉफ्ट पैलेट में कंपन होने की वजह से होता है।

खर्राटे की आवाज पैदा होती है। खर्राटे से केवल आवाज ही पैदा नहीं होती, बल्कि यह एक स्वास्थ्य समस्या है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इस बारे में जानकारी देते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल का कहना है कि स्लीप एप्निया के साथ या बिना खर्राटे लेना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है और इसे केवल शोर से होने वाली परेशानी समझ कर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, इसे एक असली स्वास्थ्य समस्या मानना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खर्राटे विचलित नींद का संकेत होते हैं, जो अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इसके कुछ कारण बहुत हल्के होते हैं, जिन्हें सोने की करवट या शराब के सेवन की आदत में बदलाव कर बदला जा सकता है।
आप भी अपने दुबले-पतले शरीर से परेशान हैं, तो जरूर अपनाए ये घरेलु उपाय
डॉ अग्रवाल बताते हैं कि ऑब्स्ट्रक्टिव एप्निया का इलाज न हो तो हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है, जिससे दिल का आकार बड़ा हो जाता है। दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। स्लीप एप्निया से पीड़ितों को कार्डियक अरहायथमायस, ज्यादातर आर्टियल फिब्रिलेशन होने का खतरा अत्यधिक रहता है।
उन्होंने कहा कि इसमें जीवनशैली की आदतें अहम भूमिका निभाती हैं, जिन्हें कारगर तरीके से सुधारा जा सकता है। शराब का सेवन, धूम्रपान और कुछ दवाएं गले की मांसपेशियों को आराम देते हैं, जिससे गले का मांस ढीला हो कर सांस का प्रवाह रोक देता है। धूम्रपान से नाक के मार्ग और गले की मांसपेशियों में जलन भी होती है, जिससे सूजन आ जाती है, जो सांस लेने मे बाधा बनती है।
खर्राटे लेने की वजहें
टॉन्सिल या एडेनॉयडस का बड़ा होना। नाक के साईनस में जमाव। नाक की झिल्ली का टेढ़ा होना। नेजल पालिप्कस। पीठ के बल सोना, जिससे जबान पीछे गिर कर सांस नली को बाधित कर देती है। उम्र बढ़ने के साथ गले की मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं। शराब या ट्रांकुलायजर, दर्दनिवारक या सेडेटिव्स जैसी दवाएं, दिमाग में तनाव पैदा करती हैं और मांसपेशियों को कमजोर कर देती हैं।
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