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यूबीआई का मौजूदा वित्त वर्ष में 12.8 फीसदी कारोबार वृद्धि का लक्ष्य

कोलकाता, 29 जून| यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की नजर मौजूदा वित्त वर्ष (2017-18) में अपने कारोबार में 12.8 फीसदी की वृद्धि के साथ 2.20 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचाने पर है। सरकारी स्वामित्व वाले बैंक की इसके अलावा इस साल 1,000 करोड़ रुपये की पूंजी उगाही करने की भी योजना है। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन बजाज ने यहां बैंक की 8वीं सालाना आम सभा (एजीएम) में शेयरधारकों से कहा, “हमारा लक्ष्य हमारे वर्तमान के 1.95 लाख करोड़ रुपये के कारोबार को बढ़ाकर 2.20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। बैंक ने वित्त वर्ष 2017-18 में 10 फीसदी की वृद्धि दर का पूर्वानुमान लगाया है और जमा में 8 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है।”

उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा अनुमानित वृद्धि दर को हासिल करने के लिए हमें और अधिक पूंजी हासिल करने की जरूरत है ताकि हम पूंजी के मामले में साल 2019 के मार्च तक आत्मनिर्भर बन सके, जब बेसिल 3 मानदंड पूरी तरह से लागू हो जाएंगे।

उन्होंने एजीएम के मौके पर कहा, “हमने इस साल 1,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने का फैसला किया है, इसे किस तरह जुटाया जाएगा, इस पर भी विचार किया जा रहा है।”

वेनेजुएला : हिंसक विरोध प्रदर्शन में मृतकों की संख्या 78 हुई

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काराकास, 29 जून | वेनेजुएला में संवैधानिक परिवर्तन के विरोध में चल रहे हिंसक प्रदर्शन के दौरान 18 वर्षीय किशोर की गोली लगने से मौत होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, वेनेजुएला के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर कार्यालय ने बताया कि बुधवार को अनजोटेगुई प्रांत में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक युवक के हाथ और सिर में गोली लगी।

उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो द्वारा संविधान में सुधार के लिए संविधान सभा के निर्वाचन की पहल करने के बाद तीन महीने से जारी विरोध प्रदर्शन में अब तक 1,500 लोग घायल हो चुके हैं।

गाय के नाम पर हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी- नरेंद्र मोदी

अहमदाबाद, 29 जून| स्वघोषित गो-रक्षकों द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में की जा रही हिंसा पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि गौ-भक्ति के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं की जा सकती। यहां साबरमती आश्रम मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, समाज में हिंसा की कोई जगह नहीं है।

साबरमती आश्रम की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, “गौ-भक्ति के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी। महात्मा गांधी आज होते तो इसके खिलाफ होते।”

मोदी ने कहा कि किसी ने भी महात्मा गांधी व आचार्य विनोबा भावे से अधिक गाय सुरक्षा के बारे में बात नहीं की है।

उन्होंने कहा, “हां, यह किया जाना चाहिए। लेकिन हमारा देश अहिंसा की भूमि है। यह महात्मा गांधी की भूमि है। हम यह क्यों भूल जाते हैं।”

गो-रक्षा के नाम पर लोगों पर बढ़ते हुए हमलों का साफ तौर पर जिक्र करते हुए मोदी कहा, “आज मैं कुछ शब्द कहना चाहता हूं और कुछ चल रही चीजों पर दुख प्रकट करता हूं।”

उन्होंने कहा, “हिंसा से कभी किसी समस्या का समाधान न हुआ है और न होगा। इस देश में किसी व्यक्ति को कानून को अपने हाथों में लेने का अधिकार नहीं है।”

मोदा ने कहा, “आइए हम सभी मिलकर काम करें व महात्मा गांधी के सपनों का भारत बनाएं। हम एक ऐसे भारत का निर्माण करें जिस पर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को गर्व हो।”

देश के विभिन्न हिस्सों में स्वघोषित गो-रक्षकों द्वारा लगातार की जा रही हिंसा पर मोदी और उनकी सरकार की चली आ रही चुप्पी को तोड़ते हुए दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने गुरुवार को यह बयान दिया।

भारतीय अर्थव्यवस्था का उदारीकरण है जीएसटी : अनिल अंबानी

मुंबई, 29 जून| रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने गुरुवार को कहा कि एक जुलाई से देशभर में लागू होने के लिए तैयार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ‘मात्र सुधार या बदलाव’ भर नहीं है, बल्कि ‘यह हमारी आर्थिक आजादी’ है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में अनिल ने कहा, “जीएसटी मात्र एक और सुधार या बदलाव नहीं है, बल्कि बेहद महत्वपूर्ण है। जीएसटी हमारी आर्थिक परिकल्पना का उदारीकरण है। यह हमारी आर्थिक आजादी है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते तीन वर्षो के दौरान जीएसटी को लेकर जो किया है, वह बीते 30 वर्षो के दौरान नहीं किया जा सका।

अनिल ने कहा, “जीएसटी को लेकर वास्तविक उम्मीद आर्थिक उदारीकरण की है। जीसटी का वास्तविक वादा ही है, ‘एक देश, एक कर, एक बाजार’।”

अनिल ने आगे कहा, “गैर निष्पादित परिसंपत्तियों के समाधान के लिए दिवाला एवं दिवालियापन कोड के तहत कार्रवाई करने के प्रस्ताव सहित मौजूदा सरकार ने देश की वित्तीय अवसंरचना में कई मूलभूत आमूल-चूल सुधार किए हैं, साथ ही देश की बैंकिंग प्रणाली को समेकित और मजबूती भी दी है।”

उन्होंने कहा कि भारत इस समय एक डिजिटल क्रांति के मध्य से गुजर रहा है, जो देश के युवा नवउद्यमियों को बड़ा सोचने और बड़ा करने की इजाजत देता है।

अनिल ने कहा कि ई-कारोबार में और उससे संबंधित अन्य व्यवसायों में हाल के वर्षो में आया शानदार उभार दर्शाता है कि प्रौद्योगिकी कितनी सहायक हो सकती है।

महिला विश्व कप : भारत ने टॉस जीत गेंदबाजी का फैसला किया

सॉमरसेट (इंग्लैंड) 29 जून भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने गुरुवार को टॉनटन काउंटी ग्राउंड पर आईसीसी महिला विश्व कप के सातवें मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। इस टूर्नामेंट में खेले गए अपने पहले मैच में भारत ने तीन बार की खिताब विजेता इंग्लैंड को 35 रनों से हराया था।

भारतीय टीम बिना किसी बदलाव के अपने दूसरे मैच में उतरेगी। वहीं कैरेबियाई टीम में एक बदलाव किया गया है। शकेरा सेलमा की जगह कायशोना नाइट को जगह दी गई है।

वेस्टइंडीज को आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले मैच में आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।

भारत और वेस्टइंडीज दोनों ही टीमें अब तक इस खिताब पर कब्जा जमाने में नाकाम रही हैं। हालांकि, दोनों ही टीमें एक-एक बार विश्व के फाइनल में पहुंचने में सफल रही हैं। 2005 में भारतीय टीम फाइनल में पहुंची थी, लेकिन उसे आस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा, वहीं 2013 में वेस्टइंडीज ने फाइनल का रास्ता तय किया था। हालांकि, उसे भी आस्ट्रेलिया ने मात देकर खिताबी जीत हासिल की थी।

टीमें :

भारत : मिताली राज (कप्तान), पूनम राउत, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, हरमनप्रीत कौर, मोना मेश्राम, शिखा पांडे, झूलन गोस्वामी, एकता बिष्ट, सुषमा वर्मा (विकेटकीपर) और पूनम यादव।

वेस्टइंडीज : स्टेफनी टेलर (कप्तान), हेले मैथ्यूज, फेलीसिया वॉल्टर, डाएंड्रा डॉटिन, मेरीसा एग्विलिएरा (विकेटकीपर), कायशोना नाइट, चीडियन नेशन, शेनल डेल, एफे फ्लेचर, अनीसा मोहम्मद और शामिला कोनेल।