
शिवपाल यादव ने योगी को बताया दृढ़ इच्छाशक्ति वाला व्यक्ति

एक बार फ़िर कैसे सुनील को हर्ट किया कपिल शर्मा ने

देखा जाए तो अभी हाल ही में हमे कपिल व सुनील की फाइट का तो पता ही था लेकिन एक बार फिर से कपिल ने अपनी हकरत के चलते सुनील पर कटाक्ष किया है।
जी हाँ, वैसे भी आपको बता दे कि, अभी हाल ही में कपिल शर्मा ने 100 एपिसोड पूरे कर लिए हैं इसके जश्न के दौरान कपिल ने सबके सामने अपनी टीम को धन्यवाद कहा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज हमारे शो का 100 एपिसोड है हमारे सभी दर्शकों का शुक्रिया बता दे कि शो के होस्ट कपिल शर्मा को सोनी टीवी ने यह कहा था की आप अपनी बधाई में अपने से जुड़े हुए सभी कलाकारों का नाम लीजियेगा।
लेकिन यहाँ पर भी कपिल ने इनकी बात नहीं मानी व उन्होंने सभी सेलिब्रिटी और आॅन स्टेज और बैक स्टेज सभी का शुक्रिया और बिना नाम लिए कहा कि जो लोग हमारे साथ हैं और जो नहीं हैं उनका भी शुक्रिया। टेलीकास्ट हुए एपिसोड में हम सभी ने कपिल की यह बात सुनी।
कंगना रनौत ने चुपके से किए काशी विश्वनाथ और वाराणसी के दर्शन

वाराणसी: अभिनेत्री कंगना रनौत बेहद गुपचुप तरीके से काशी विश्वनाथ दरबार पहुंची और बेहद सादगी भरे अंदाज में शहर की भीड़ से बचते हुए पूरी सुरक्षा के साथ कंगना ने बाबा दरबार में दर्शन किया। यहां विधिवत पूजन के बाद कंगना छावनी क्षेत्र स्थित होटल में लौट गईं।
फिल्म ‘मणिकर्णिका-द क्वीन ऑफ झांसी’ का पोस्टर लॉन्च करने कंगना रनौट वाराणसी पहुंची हैं। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, गीतकार प्रशून जोशी और शंकर एहसान लाय के साथ कंगना रनौट दशाश्वमेध घाट पर 20 फीट का पोस्टर लॉन्च करेंगी साथ ही गंगा आरती में भी शामिल होंगी। कंगना इस फिल्म में रानी लक्ष्मी बाई का किरदार निभा रही हैं।
इस फिल्म के प्रमोशन के लिए वाराणसी को इसलिए चुना गया है क्योंकि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म काशी में ही वर्ष 1828 में भदैनी क्षेत्र में हुआ था। यूनिट के मुताबिक गुरुवार को पोस्टर की लांचिंग पर गीतकार प्रसून जोशी और शंकर एहसान लॉय भी होंगे. कंगना के गेटअप का स्केच भी जारी किया गया है।
फिल्म में उनके गेटअप का केवल अब तक स्केच जारी हुआ था। दरअसल, कंगना रनौट की यह एक ऐतिहासिक फिल्म है, जोकि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की बायोपिक पर आधारित है। कंगना के फैन्स उनकी इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
इस हॉट, चुलबुली एक्ट्रेस को आज सब भूल गए, अब दिखती हैं ऐसी

मुंबई। एक दौर था जब चुलबुली, हंसमुख और नटखट मुमताज़ जब परदे पर आतीं तो दर्शकों की धड़कनें रुक जाया करतीं। हर कोई उनकी अदाओं और अदाकारी का दीवाना था। लेकिन, साठ और सत्तर के दशक की इस हसीन नायिका को आज भुला दिया गया है। 69 वर्षीय मुमताज़ आज अपने वतन और कर्म भूमि मुंबई से हजारों किलोमीटर दूर लंदन में रह रहीं हैं।
31 जुलाई 1947 को जन्मीं मुमताज़ ने जब से होश संभाला उनका सपना एक अभिनेत्री बनने का ही था। मुमताज़ की मां नाज़ और आंटी निलोफर दोनों ही एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय थीं, लेकिंन वे महज जूनियर आर्टिस्ट के ही रूप में काम किया करतीं। साठ के दशक में मुमताज़ ने भी फ़िल्मों में छोटे-मोटे रोल करने शुरू कर दिए थे। उनकी किस्मत बदली तब जब दारा सिंह जैसे स्टार बॉलीवुड का हिस्सा बने।
दारा सिंह जैसे बुलंद किरदार के साथ काम करने से उस दौर की एक्ट्रेस बचतीं थीं। इसी का फायदा उठाया मुमताज़ ने और उन्होंने एक के बाद एक सोलह फ़िल्में दारा सिंह के साथ कीं। क्या आप यकीन करेंगे कि इन सोलह फ़िल्मों में दस फ़िल्में जबर्दस्त हिट साबित हुईं।

यहां से सफ़र शुरू हो गया मुमताज़ की कामयाबी का। फिर, उन्हें मिला देश के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का साथ और यह दौर अभिनेत्री मुमताज़ की ज़िन्दगी का गोल्डन टाइम साबित हुआ। उससे पहले कि उनके बारे में और भी कुछ जानें, आइये पहले देखते हैं, बला की खूबसूरत यह एक्ट्रेस अब कैसी दिखती है.
राजेश खन्ना और मुमताज़ का एक साथ परदे पर दिखना कामयाबी की गारंटी मानी जाती थी। इस जोड़ी ने ‘दो रास्ते’, ‘सच्चा-झूठा’, ‘आपकी कसम’, ‘अपना देश’ ‘प्रेम कहानी’, ‘दुश्मन’, ‘बंधन’ और ‘रोटी’ जैसी सफल और यादगार फ़िल्मों में काम किया। कहा जाता है कि यह जोड़ी वास्तविक ज़िन्दगी में भी काफी करीब थी। 1974 में जब मुमताज़ ने मयूर मधवानी से शादी की तब राजेश खन्ना का दिल टूट गया।
राजेश खन्ना नहीं चाहते थे कि मुमताज़ अभी शादी करें। शादी के बाद मुमताज़ ने फ़िल्मों में काम करना बंद कर दिया। उन्होंने अपने पंद्रह साल के करियर में 108 फ़िल्में कीं और इनमें से ज़्यादातर फ़िल्में हिट साबित हुईं। अपने दौर में टॉप पर रहीं मुमताज़ ने हालांकि 1989 में ‘आंधियां’ फ़िल्म से दूसरी पारी खेलनी चाही लेकिन इस फ़िल्म के फ्लॉप हो जाने के बाद उन्होंने इंडस्ट्री को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। बाद में उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हो गया जिससे वो एक फाइटर की तरह बाहर निकलीं।
गौरतलब है कि साल 1971 में संजीव कुमार के साथ ‘खिलौना’ फ़िल्म के लिए उन्हें फ़िल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला। 1996 में उन्हें फ़िल्मफेयर ने लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया। 2005 में मुमताज़ की बड़ी बेटी नताशा की शादी एक्टर फरदीन खान से हुई। दारा सिंह और राजेश खन्ना की मौत पर मीडिया ने मुमताज़ से ज़रूर संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन, सच तो यही है कि आज मुमताज़ एक भुला दी गयीं स्टार हैं। पांच साल पहले दिए एक इंटरव्यू में मुमताज़ ने कहा था कि उनके आस-पास चारों तरफ पानी ही पानी है लेकिन वो खुद बहुत प्यासी हैं और अकेली भी ग्लैमर और चकाचौंध से दूर!