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अब ऑफलाइन स्टोर में QR कोड स्कैन कर करें Paytm मॉल पर खरीदारी

नई दिल्ली। ई-कॉमर्स और मोबाइल भुगतान सेवा प्रदाता कंपनी पेटीएम के पेटीएम मॉल ऐप ने दुकानदारों को कारोबार विस्तार में मदद देने के लिए एक अनूठा वाणिज्य मंच शुरू किया है। इसके तहत अब ग्राहक ऑफलाइन स्टोर में पेटीएम क्यूआर कोड स्कैन कर पेटीएम मॉल ऐप पर खरीदारी कर सकेंगे।
इस ऐप के जरिये ग्राहक फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल , घर के सामान एवं अन्य चीजों को खरीदते हैं।’पेटीएम मॉल’ ऐप के जरिये उपभोक्ता अपने पड़ोस में पेटीएम पार्टनर की दुकानों पर जाकर, पेटीएम या पेटीएम मॉल एप्लिकेशन के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर उत्पादों को खोज और ऑर्डर कर सकते हैं।
यह दुकानदार को उत्पादों को इन्वेंटरी मैनेजमेंट और डिलिवरी से निपटे बिना ऑनलाइन बिक्री को सक्षम बनाएगा। साथ ही, उपभोक्ता स्थानीय दुकानदारों से उसी दिन डिलिवरी का लाभ उठा सकते हैं, जिससे भागीदारों को राजस्व प्राप्त करने का नया तरीका मिलता हैं।
कंपनी ने दुकानदारों को सैमसंग स्मार्टफोन बेचने के लिए सैमसंग के साथ भागीदारी की है। यह गठबंधन देश में ब्रांड की उपस्थिति को मजबूत करेगा और अधिक ग्राहकों को सैमसंग के उत्पादों का अनुभव और एक सही विकल्प पसंद करने की अनुमति देगा। इस सूची स्टॉक रखे बिना ब्रांड वितरण नेटवर्क में अतिरिक्त दुकानों में वृद्धि लाएगा।
पेटीएम मॉल के उपाध्यक्ष अमित बैगारिया ने कहा, हम ब्रांड के लिए लाखों उपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए ऑफ़लाइन नेटवर्क को मंच के रूप में बनाना चाहते हैं। यह मंच व्यापारियों को उनके कारोबार को बढ़ाने में सक्षम करने के लिए फायदेमंद होगा।
पेटीएम क्यूआर कोड के आधार पर भुगतान उपाय में निवेश करनेवाली पहली कंपनी है और इसने ऑफ़लाइन व्यापारी नेटवर्क बनाया है जहां उपभोक्ता स्कैन कर भुगतान कर सकते हैं।
यह क्यूआर कोड आधारित भुगतान सुविधा देश में डिजिटल भुगतान के लिए लगभग हर जगह उपयोग हो रही है। अब पेटीएम मॉल इस तकनीक और नेटवर्क को ब्रांड्स को उपभोक्ताओं के बड़े समूह तक पहुंचाने के लिए एक मंच तैयार करने के लिए उपयोग करेगा।
अब पैन को आधार से जोडऩे के लिए स्कैन, ओटीपी की व्यवस्था

नई दिल्ली। लोगों को अपने स्थाई खाता संख्या (पैन) को आधार संख्या से जोडऩे में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इसकी प्रमुख वजह नाम की वर्तनी अलग-अलग होना है। अब इस प्रणाली को सरल बना दिया गया है। अब आपको इसके लिए सिर्फ अपने पैन कार्ड की एक स्कैन प्रति देनी होगी।
एक अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा कर-विभाग इस संबंध में ऑनलाइन विकल्प देने की भी योजना बना रहा है। वह अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर करदाताओं को आधार जोडऩे का विकल्प देगा।
इस विकल्प में उन्हें बिना अपना नाम बदले एक एकबारगी कूटसंदेश (वन टाइम पासवर्ड) का विकल्प चुनना होगा। इस विकल्प का चुनाव करने के लिए उन्हें अपने दोनों दस्तावेजों में उल्लेखित जन्मतिथि उपलब्ध करानी होगी और उनके मिलान पर वह ऑनलाइन आधार से पैन को जोड़ सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि अब आधार के साथ पैन को जोडऩा अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि विभाग इस बारे में मीडिया के माध्यम से लोगों को इस सप्ताह से जागरूक बनाने का प्रयास करेगा।
स्कूलों की फीस में 11-20 प्रतिशत की वृद्धि से अभिभावक परेशान : सर्वे

नई दिल्ली। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में अभिभावकों को स्कूल फीस का ‘झटका’ लगा है। राष्ट्रीय स्तर पर किए गए सर्वे के अनुसार ज्यादातर अभिभावकों ने कहा है कि उनके बच्चों के स्कूलों ने फीस में 11 से 20 प्रतिशत की वृद्धि की है।
टेस्टिंग के दौरान दिखी टेस्ला मॉडल 3, भारत में भी होनी है लॉन्च

इंटरनेशनल मार्केट में टेस्ला की पहली अफॉर्डेबल कार होगी मॉडल 3, इसे पिछले साल अप्रैल महीने में दुनिया के सामने पेश किया गया था, अब इस कार को टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। टेस्ला मोटर्स की योजना भारत में भी आने की है, यहां मॉडल 3 कंपनी की पहली कार होगी।

डिजायन के मामले में यह अपने कॉन्सेप्ट के काफी करीब है। मॉडल एक्स और मॉडल एस की तरह इस में भी आगे की तरफ ग्रिल नहीं दी गई है। इस में कूपे मॉडल जैसी रूफलाइन दी गई है, यह मॉडल एस की तुलना में ज्यादा स्लोपी है। केबिन भी कॉन्सेप्ट से मिलता-जुलता है। मॉडल 3 का केबिन काफी साफ-सुथरा है, इस में इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर की जगह बीचों-बीच में एक बड़ी स्क्रीन दी गई है। डैशबोर्ड के चारों ओर लकड़ी की पट्टी दी गई है, जो काफी ध्यान आकर्षित करती है।

मॉडल 3 का प्रोडक्शन जुलाई महीने से शुरू होगा, इस बारे में कंपनी ने शेयरहोल्डर्स की बैठक में जानकारी दी थी। 1 अप्रैल 2016 को मॉडल 3 से पर्दा उठाया था और उसी दिन से कंपनी ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी थी। इसकी बुकिंग राशि भारतीय करेंसी के मुताबिक करीब 65,000 रूपए (1,000 डॉलर) है। मॉडल 3 के लिए टेस्ला भारत से भी बुकिंग ले रही है, संभावना है
कि भारत में इसकी डिलिवरी 2017 के अंत तक या फिर 2018 के शुरूआत में शुरू हो सकती है।
मॉडल 3 में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों का प्रोडक्शन जनवरी 2017 से शुरू हो चुका है, इन्हें अमेरिका के नेवादा स्थित गीगा फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा है। इसी प्लांट में मॉडल 3 के इंजन भी बनेंगे और यहां से इन्हें टेस्ला के कैलिफोर्निया फैक्टरी में भेजा जाएगा, जहां मॉडल 3 की एसेंबलिंग होगी।

अप्रैल 2016 में कंपनी ने कहा था कि मॉडल 3 एक बार फुल चार्ज होने पर 215 मील (350 किलोमीटर) का सफर तय करेगी, लेकिन उसके बाद इलोन मस्क ने ट्विट करके जानकारी दी कि मॉडल 3 की रेंज 238 मील (383 किलोमीटर) हो सकती है। कहा जा रहा है कि इस में सेल्फ ड्राइविंग और ऑटोनॉमस तकनीक भी दी जाएगी।
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