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जीप ने दिखाई कंपास एसयूवी की एक झलक

jeep india teases upcoming compass
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जीप इंडिया ने अपने यूट्यूब चैनल पर जल्द आने वाली कंपास एसयूवी का वीडियो पोस्ट किया है, वीडियो के अनुसार कंपास में ऑल-व्हील-ड्राइव, 50 से ज्यादा सेफ्टी फीचर, अच्छी क्वालिटी और जीप पारंपरिक डीएनए मिलेगा।

इससे पहले कंपनी ने वेबसाइट पर भी कंपास एसयूवी को ‘कमिंग सून’ टैगलाइन के साथ दिखाया था। आगामी 12 अप्रैल को कंपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है, उम्मीद है कि इस में कंपास से पर्दा उठ जाएगा।

कंपास, जीप ब्रांड की पहली एसयूवी होगी जो भारत में तैयार होगी, इसका प्रोडक्शन एफसीए के रंजनगांव स्थित प्लांट में होगा। भारत के अलावा इसे चीन, ब्राजील और मैक्सिको में भी तैयार किया जाएगा, कंपनी की योजना कंपास को 100 से भी ज्यादा देशों में बेचने की है। भारत में यह राइट-हैंड-ड्राइव वर्जन में आएगी।

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कंपास के इंटरनेशनल मॉडल से पिछले साल सितम्बर महीने में पर्दा उठा था, फिलहाल यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध है, संभावना है कि भारत में इसे जून 2017 में लॉन्च किया जा सकता है, इसकी कीमत 18 लाख से 20 लाख रूपए के आसपास हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जीप कंपास में 17 इंजन का विकल्प रखा गया है, भारत में इसे 1.4 लीटर पेट्रोल और 2.0 लीटर डीज़ल इंजन में उतारा जा सकता है। दोनों इंजन 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से लैस होंगे, इस में 9-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प भी मिलेगा।

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जीप कम्पास में एलईडी हैडलैंप्स के साथ एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइटें, एलईडी टेललैंप्स, इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर 3.5/7 इंच की एलईडी ड्राइवर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले (डीआईडी), 8 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम और 50 से भी ज्यादा सेफ्टी और सिक्योरिटी फीचर मिलेंगे।

इसका मुकाबला प्रमुख तौर पर होंडा सीआर-वी, हुंडई ट्यूसॉन और फॉक्सवेगन टिग्वॉन से होगा। फॉक्सवेगन ने टिग्वॉन का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है, संभावना है कि इसे आने वाले महीनों में लॉन्च किया जा सकता है।

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आयकर विभाग ने केयर्न को 10,247 करोड़ रुपए का नया कर नोटिस भेजा

Cairn energy gets Rs 10000 crore notice from Income Tax Department
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नई दिल्ली। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण आईटीएटी के पेट्रोलियम खनन कंपनी केयर्न एनर्जी पर पिछली तारीख से लगाए कर को बरकरार रखने के कुछ सप्ताह बाद आयकर विभाग ने कंपनी को 10,247 करोड़ रुपए का कर अदा करने का नया नोटिस भेजा है।

न्यायाधिकरण ने अपने नौ मार्च के आदेश में कहा था कि केयर्न एनर्जी पर कर की देनदारी बनती है। यह मामला 2006 में कंपनी द्वारा अपनी भारतीय परिसंपत्तियां नयी कंपनी केयर्न इंडिया को हस्तांतरित करने से जुड़ा है।

हालांकि न्यायाधिकरण ने यह स्पष्ट किया कि इस पर ब्याज नहीं वसूला जा सकता लेकिन पिछली तारीख से कर लगाने के कानून का इस्तेमाल करके कर की मांग की जा सकती है।

आयकर विभाग ने इस संबंध में 10,247 करोड़ रुपए कर और 18,800 करोड़ रुपए 10 वर्ष के ब्याज की मांग की थी।

केयर्न ने हितधारकों को दी सूचना में बताया कि न्यायाधिकरण के आदेश के अनुसार 31 मार्च, 2017 को एक संशोधित कर मांग की गई है।

इसमें अब कर देरी से अदा करने के ब्याज का भुगतान फरवरी, 2016 से जोड़ा जाएगा क्योंकि यह 2016 में किए गए मूल आकलन के 30 बाद की तिथि है। केयर्न के कहा कि न्यायाधिकरण के निर्णय पर अपील किए जाने की संभावना है।

एयरटेल, वोडाफोन तथा आइडिया के खिलाफ बिलिंग को लेकर सबसे अधिक शिकायतें

Airtel, Vodafone and Idea witnessed most billing complaints in Oct-Dec : Trai
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नई दिल्ली। एयरटेल, वोडाफोन तथा आइडिया की मोबाइल सेवाओं के मामले में उपभोक्ताओं की ओर से अक्तूबर-दिसंबर, 2016 के दौरान बिलिंग को लेकर सबसे अधिक शिकायतें मिली हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ट्राई की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

आईटी पेटेंट आवेदन देने के मामले में सैमसंग इंडिया की R&D इकाई अव्वल

Samsung India's research and development unit tops chart of IT patent applications
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नई दिल्ली। सैमसंग आर एंड डी इंस्टिट्यूट ने 2015-16 में आईटी क्षेत्र में सर्वाधिक पेटेंट आवेदन दिया। उसके बाद घरेलू कंपनी टीसीएस और विप्रो का स्थान रहा।

पेटेंट, डिजाइन, ट्रेडमार्क और भौगोलिक संकेतक महानियंत्रक कार्यालय की सालाना रिपोर्ट के अनुसार अन्य प्रमुख आवेदनकर्ताओं में इंडियन इंस्टिट्यूट आफ टेक्नोलॉजी आईआईटी तथा एचसीएल टेक्नोलाजी शामिल हैं।

आम बोलचाल में इसे भारतीय पेटेंट कार्यालय कहा जाता है और यह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन आता है। सैमसंग आरएंडडी इंस्टिट्यूट इंडिया, टीसीएस, विप्रो, आईआईटी तथा एचसीएल ने क्रमश 229, 213, 149, 60 तथा 49 आवेदन दिए।

वैज्ञानिक, अनुसंधान एवं विकास संगठल श्रेणी में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद सीएसआईआर सूची में सबसे उपर है।

विदेशी आवेदनकर्ताओं में चिप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी क्वालकॉम ने अधिकतम 1,884 पेटेंट आवेदन दिये। उसके बाद क्रमश कोनिनक्लिजे फिलिप्स 949, सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स 905, हुआवेई टेक्नोलाजीज 648 और जरनल इलेक्ट्रिक कंपनी 446 का स्थान रहा।

भारतीय पेटेंट कार्यालय में 2015-16 में बौद्धिक संपदा आवेदनों की संख्या करीब 30 प्रतिशत बढ़कर 3,41,086 रही जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 2,62,638 थी।

ये आंकड़े काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि बौद्धिक संपदा संरक्षण अनुसंधान, ज्ञान आधारित उद्योग के विकास तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए अनुकूल माहौल सृजित करता है।

यूआईडीएआई ने तीन महीने में 1,000 ऑपरेटरों पर कार्रवाई

Aadhaar card : UIDAI cracks down on 1000 operators in three months
Aadhaar card : UIDAI cracks down on 1000 operators in three months

नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यूआईडीएआई ने विभिन्न प्रकार की गड़बडिय़ों के लिए करीब 1,000 ऑपरेटरों को या तो काली सूची में डाल दिया है या निलंबित कर दिया है। वहीं करीब 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दायर की गई है। इन ऑपरेटरों पर आधार नामांकन के लिए शुल्क लेने आदि के आरोप लगे हैं।

प्राधिकरण ने इन प्रत्येक ऑपरेटरों पर 10,000-10,000 रुपए का जुर्माना लगाया है और साथ ही उन्हें अपने सिस्टम से हटा दिया है।

यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे ने कहा कि हमें कुछ शिकायतें मिली हैं। ज्यादा शुल्क लेने को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। दिसंबर, 2016 से हमने ऐसे करीब 1,000 ऑपरेटरों की पहचान की है। पिछले तीन माह के दौरान हमने इन ऑपरेटरों को अपने सिस्टम से हटा दिया है। उन पर 10,000-10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया जा रहा है।

सिस्टम से हटाने का मतलब है कि ये ऑपरेटर देश में अब कहीं भी आधार के लिए नामांकन नहीं कर पाएंगे।यूआईडीएआई 12 अंक की विशिष्ट पहचान संख्या जारी करने वाला नोडल निकाय है।

प्राधिकरण ने यह कार्रवाई इस बारे मेंं शिकायतें मिलने के बाद की है कि कुछ आपरेटरों नामांकन के लिए शुल्क ले रहे हैं, जबकि यह सेवा निशुल्क है। इसी तरह कुछ मामलों में ऑपरेटर आधार ब्योरे के अद्यतन के लिए अधिक शुल्क ले रहे हैं, जबकि इसका शुल्क 25 रुपए तय है।