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सोलोमन द्वीप के नजदीक भूकंप के जोरदार झटके, सुनामी का कोई खतरा नहीं

Earthquake Near Solomon Islands
Earthquake Near Solomon Islands

वेलिंगटन। दक्षिण प्रशांत महासागर स्थित सोलोमन द्वीपसमूह के नजदीक मंगलवार को जोरदार भूकंप आया, लेकिन फिलहाल जान-माल के किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है और सुनामी की कोई चेतावनी भी जारी नहीं की गई है।

संभावना जताई जा रही 6.7 तीव्रता की यह भूकंप नौ दिसंबर के शक्तिशाली भूकंप के बाद आने वाला आफ्टरशॉक हो सकता है। कुछ दिन पहले आए भूकंप की तीव्रता 7.7 थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। पहले भी यहां दर्जनों बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे का कहना है कि मंगलवार को आये इस भूकंप का केंद्र किराकिरा से लगभग 80 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम और सोलोमन द्वीपसमूह की राजधानी होनियारा से 160 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में था। इसका केन्द्र 35 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।

साल 2016 वाहन कंपनियों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा

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automobile industry in india up and down in 2016
automobile industry in india up and down in 2016

नई दिल्ली। घरेलू वाहन उद्योग 2016 के उतार-चढ़ाव भरे सफर के बाद नए नियमन से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद आने वाले साल की तरफ नई उम्मीदों के साथ देख रहा है। साल 2016 की शुरूआत उद्योग के लिये अच्छी रही और फरवरी में दो साल पर होने वाली वाहन प्रदर्शनी में 108 नये उत्पाद पेश किये गये। लेकिन वृद्धि के लिहाज से लगातार तीसरा साल बेहतर रहने की उसकी इच्छा पूरी नहीं हो पायी।

कुल मिलाकर उद्योग के लिये 2016 की शुरआत तो अच्छी रही लेकिन बाद के महीनों में उसके सामने बड़े-बड़े ‘स्पीड ब्रेकर’ आते रहे। प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में वाहन उद्योग ही मुख्य निशाना बनता रहा। कभी ‘सम-विषम’ का नियम बना तो कभी डीजल वाहनों को निशाना बनाया गया।

इस कड़ी में उद्योग को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 2,000 सीसी और उससे अधिक क्षमता की कारों तथा एसयूवी पर आठ महीने के लिये प्रतिबंध झेलना पड़ा और सियाम के अनुसार इससे उद्योग को 4,000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। इसके अलावा उद्योग को निर्धारित समय से तीन साल पहले ही मौजूदा बीएस 4 से बीएस 6 उत्सर्जन मानकों को 2020 से अपनाना होगा। यह काम तय समय से तीन साल पहले करना होगा।

इतना ही नहीं, अक्तूबर 2017 से सभी नई कारों के मॉडलों को अनिवार्य रूप से टक्कर परीक्षण से गुजरना होगा क्योंकि सरकार ने कड़े सुरक्षा नियमों को पेश करने का फैसला किया है। मौजूदा मॉडलों को उन्नत बनाने के लिये समयसीमा अक्तूबर 2018 है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन आटोमोबाइल मैनुफैक्चर्स के अध्यक्ष विनोद के दसारी ने कहा, ‘नियामकीय मोर्चे तथा जीएसटी के क्रियान्वयन के साथ 2017 में काफी कुछ होने की संभावना है। पूरे साल नीतिगत स्तर पर कई गतिविधियों की उम्मीद है, ऐसे में वाहन उद्योग को निश्चित रूप से चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर दिलचस्प वर्ष रहेगा।’

विनोद के दसारी ने 2017 के परिदृश्य के बारे में कुछ भी कहने से मना करते हुए कहा, ‘संभावना जताने के लिये मौजूदा स्थिति थोड़ी मुश्किल है।’ दसारी ने कहा, ‘..नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था फिलहाल मांग में कमी से अस्थायी रूप से प्रभावित है। स्थिति मार्च 2017 तक बने रहने की संभावना है। उसके बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट सकती है।’ वर्ष 2016 में वाहन उद्योग का बिक्री के मोर्चे पर प्रदर्शन अच्छा रहा लेकिन नवंबर में नोटबंदी की घोषणा के बाद इस पर तगड़ा ब्रेक लग गया।

पिछले महीने आठ नवंबर को 500 और 1,000 रपये के नोटों पर पाबंदी के मद्देनजर वाहनों की बिक्री प्रभावित हुई और कंपनियों के शोरूम खाली नजर आयें। दसारी ने कहा, ‘नवंबर 2016 में सीधे कंपनी स्तर पर होने वाली थोक बिक्री में 5.5 प्रतिशत की गिरावट आयी। खुदरा बिक्री की स्थिति और भी खराब रही। शोरूम में आने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय रूप से कमी आयी।’ उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण पूरी अर्थव्यवस्था और वाहन उद्योग के लिये नवंबर 2016 कठिन माह रहा।

उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि जनवरी से नवंबर में घरेलू बिक्री में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि जनवरी-अक्तूबर 2016 के दौरान उद्योग की वृद्धि पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 13.1 प्रतिशत रही। हालांकि, दसारी ने कहा, ‘बेहतर मानसून तथा तीन साल बाद ग्रामीण बाजार के पटरी पर आने की संभावना की पृष्ठभूमि में स्थिति को देखा जाना चाहिए। वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय बजट में यात्री वाहनों पर बुनियादी ढांचा उपकर के बावजूद उम्मीद बनी रही।’

उन्होंने वर्ष 2016 को घटना प्रधान बताया। इस साल सरकार ने पुराने वाहनों को सडकों से हटाने और उन्हें तोड़ने की नीति पर विचार-विमर्श को आगे बढ़ाया। वहीं दिल्ली सरकार ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 15 साल पुराने वाहनों को हटाने का आदेश दिया।

फन-फिटनस-फ्रीडम राईड साईकल रैली 24 दिसंबर को

Fun-Freedom-Fitness ride bicycle rally by apna ajmer on December 24
Fun-Freedom-Fitness ride bicycle rally by apna ajmer on December 24

अजमेर। अजमेर शहर में पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर ‘अपना अजमेर’ संस्था की ओर से 24 दिसंबर को फन-फिटनस- फ्रीडम राईड साईकल रैली का आयोजन किया जाएगा।

रेलवे ने फ्लेक्सी किराया प्रणाली में किया बदलाव, आज से ट्रेनों की खाली सीटों पर 10 प्रतिशत छूट

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10 percent discount on railway trains empty seats
10 percent discount on railway trains empty seats

नई दिल्ली। रेलवे ने आज फ्लेक्सी किराया प्रणाली में बदलाव किया हैं। अब राजधानी, शताब्दी और दुरंतो में चार्ट बनने के बाद खाली सीटों में अंतिम कीमत से 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानि करेंट बुकिंग में टिकट को सस्ता किया जाएगा।

अब ट्रेन में चार्ट बनकर तैयार होने के बाद भी सीट खाली बचेगी तो वह आखिरी किराये से रेलवे 10 फीसदी कम में टिकटों को बेचेगी। सभी फैसले 20 दिसम्बर से लागू होंगे और अगले 6 महीने तक चलेंगे। फ्लेक्सी फेयर के तहत रेलवे को यात्री नहीं मिल रहे हैं, इसलिए रेलवे ने फ्लेक्सी किराया सिस्टम में बदलाव किया। राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में 30 फीसदी तत्काल कोटा होता था, अब घटाकर इसे 10 प्रतिशत कर दिया गया है। क्योंकि तत्काल में भी फ्लेक्सी फेयर कर दिया गया था और रेलवे तत्काल कोटे की सीट भी नहीं भर पा रही थी।

फ्लेक्सी फेयर लागू करने के बाद से कई ट्रेनों में सीट अब भी खाली जा रही थी इसीलिए रेलवे ने ये फैसला किया है। इसके अलावा रेलवे ने हर क्लास में आरएसी सीटों की संख्या बढ़ा दी है। 16 जनवरी 2017 से आरएसी सीटें बढ़ जाएंगी। इसके चलते अब ज्यादा लोग वैध टिकट के साथ सफर कर सकेंगे। साथ ही दो और शताब्दी ट्रेनों (दिल्ली-अजमेर शताब्दी और चेन्नई-मैसूर शताब्दी.) में किराये भी कम किये गए हैं।

रेलवे मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, नई दिल्ली-अजमेर शताब्दी एक्सप्रेस और चेन्नई सेंट्रल-मैसूर शताब्दी एक्सप्रेस के एसी चेयर कार के कुछ वर्गों में फ्लेक्सी किराया हटाने और किराये में छूट देने का निर्णय किया गया है। फ्लेक्सी फेयर के तहत किराया बढ़ाने का फैसला रेलवे ने सितंबर में लिया था। इसके तहत राजधानी शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों के किराए बढ़ाये गए थे।

क्या है फलेक्सी फेयर?

फलेक्सी फेयर का मतलब था, पहले 10 प्रतिशत सीट नार्मल किराये पर बेचना, फिर अगले 10 प्रतिशत सीट नार्मल से 10 प्रतिशत ज्यादा किराये पर, उसके अगली 10 प्रतिशत सीट नार्मल से 20 प्रतिशत ज्यादा किराये पर, और अगली 10 प्रतिशत सीट नार्मल से 30 प्रतिशत ज्यादा किराये पर। ऐसे 50 प्रतिशत ज्यादा किराये तक बेचने का प्रावधान था। लेकिन रेलवे को तीन महीने में मात्र 130 करोड़ का ही लाभ हुआ। और सीट के दाम इतने बढ़ गए की खरीदार नहीं रहे और बर्थ खाली जाने लगी. इसलिए रेलवे ने ये फैसला लिया। सभी फैसले 20 दिसम्बर से लागू होंगे और अगले 6 महीने तक चलेंगे।

कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए कर में छूट: जेटली

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To promote cashless tax by finance minister
To promote cashless tax by finance minister

सरकार ने देश में कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए दो करोड़ रुपए तक के वार्षिक कारोबार करने वालों को कर में छूट देने की घोषणा की है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि चालू वित्त वर्ष के बजट में ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन देने की बात कही गई थी। इसी के तहत ऐसे कारोबारी जो खाताबही नहीं रखते हैं उनके लिए आयकर की धारा 44ए डी को संशोधित किया गया है।

उन्होंने कहा कि इसके तहत 2 करोड़ रुपए तक वार्षिक कारोबार करने वाले व्यापारियों और छोटे उद्यमियों की अनुमानित आय कुल कारोबार की 8 फीसदी राशि पर कर लगेगा। लेकिन, यदि कारोबार के लिए क्रेडिट कार्ड, चेक या किसी दूसरे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से लेनदेन किया जाता है तो उस कारोबार की मात्र 6 फीसदी राशि ही कर योग्य होगी। इससे कारोबारियों को 30 फीसदी से अधिक का कर लाभ होगा।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने 8 नवंबर की मध्य रात्रि से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों का प्रचलन से बंद कर दिया है और अब डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत कार्ड से भुगतान करने वालों के लिए कई तरह के प्रोत्साहन घोषित किए गए हैं।