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pakistan in train collision 6 killed and 150 injured
लाहौर। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुल्तान के नज़दीक एक भीषण ट्रेन हादसे में छह लोगों की मौत और 150 से ज्यादा घायल हो गए। यात्री ट्रेन पेशावर से कराची जा रही थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना उस समय हुई, जब एक व्यक्ति कथित रूप से मालगाड़ी के नीचे कुचल गया और ट्रेन के चालक ने व्यक्ति का शव बाहर निकालने के लिए मालगाड़ी रोक दी। तभी उसी पटरी पर आ रही आवाम एक्सप्रेस मालगाड़ी से टकरा गई। उन्होंने बताया कि टक्कर के कारण आवाम एक्सप्रेस का इंजन और पावर वैन क्षतिग्रस्त हो गई और चार बोगियां पलट गईं। यह हादसा यहां से 25 किमी दूर शेर शाह इलाके में बुच रेलवे स्टेशन के पास हुआ।
मिली खबर के मुताबिक, इस दुर्घटना में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। बचावकर्मियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बोगियों में फंसे तीन लोगों को बचाया गया है।
इसी बीच अधिकारियों ने मुल्तान के निश्तर मेडिकल अस्पताल और शाहबाज शरीफ अस्पताल में आपात स्थिति लागू कर दी है । पाकिस्तान रेलवे ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए है।
सबगुरु न्युज-जयपुर। जीत के जश्न में कानून को नजरअंदाज करना राजस्थान यूनिवर्सिटी के नव निर्वाचित अध्यक्ष को भारी पड़ गया। राजस्थान विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंकित धायल के अपने गृह क्षेत्र में स्वागत के दौरान हवाई फायर करने के मामले में बुधवार को चिड़ावा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो वायरल होने पर हंगामा और बढ गया।
India in the United Nations raised the issue of Balochistan
जिनिवा। भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में पहली बार बलूचिस्तान का मुद्दा उठाते हुए पाकिस्तान पर वहां के साथ ही पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में व्यापक मानवाधिकार उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
यहां संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 33वें सत्र के दौरान भारत ने बुधवार को पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कश्मीर में गड़बड़ियों का मुख्य कारण पाकिस्तान प्रायोजित सीमापार आतंकवाद है, जो उसकी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं से उपजा है जो कि बार-बार हुए सशस्त्र आक्रमणों से ठोस तौर पर अभिव्यक्त हुई हैं।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत एवं स्थायी प्रतिनिधि अजित कुमार ने कहा कि पाकिस्तान का निराशाजनक पिछला रिकॉर्ड जगजाहिर है और कई देशों ने बार-बार पाकिस्तान से कहा है कि वह सीमा पार घुसपैठ रोके, आतंकवाद के ढांचे को नष्ट करे और आतंकवाद के केंद्र के तौर पर काम करना बंद करे।
कुमार ने कहा कि एक शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और बहुलतावादी समाज के तौर पर भारत की साख अच्छी तरह से प्रमाणित है जो कि अपने लोगों के कल्याण के प्रति गहरायी से प्रतिबद्ध है। इसके विपरीत पाकिस्तान की पहचान तानाशाही, लोकतांत्रिक नियमों की अनुपस्थिति वाला और बलूचिस्तान सहित देश में व्यापक मानवाधिकार उल्लंघनकर्ता के तौर है।
पाकिस्तान के बयान पर जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कुमार ने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसने बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के साथ ही अपने नागरिकों का भी मानवाधिकारों का योजनाबद्ध तरीके से उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा, कश्मीर में गड़बड़ियों का मूल कारण पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमापार आतंकवाद है जिसने 1989 से अलगाववादी समूहों एवं आतंकवादी तत्वों को सक्रिय समर्थन दिया है। इन आतंकवादी तत्वों में वे भी शामिल है जो पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्र से संचालित होते हैं।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को ढकने और मानवाधिकार के लिए चिंता के नाम पर आतंकवाद का इस्तेमाल राष्ट्रीय नीति के तौर पर करने का प्रयास किया है।
कुमार ने कहा, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। हम जम्मू-कश्मीर की जनता द्वारा नियमित रूप से अपनाई जा रही लोकतांत्रिक पसंद को पाकिस्तान द्वारा नीचा दिखाने के प्रयासों को खारिज करते हैं।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान अन्य को संयम बरतने की सलाह देता है लेकिन अपने ही लोगों के खिलाफ वायु शक्ति का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकता।
कुमार ने कहा, पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों को भी निरंतर शरण दिये हुए है, इसलिए इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि पाकिस्तान पिछले साल मानवाधिकार परिषद की सदस्यता हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को राजी करने में नाकाम रहा।
राजदूत ने कहा कि भारत पाकिस्तान द्वारा भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर से जुड़े आंतरिक मामलों के बारे में भेदभावपूर्ण बातें करने के लिए परिषद के निरंतर दुरुपयोग को खारिज करता है।
Ministry of Finance will make a deposit check of Jan Dhan accounts bankers
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि वह जीरो बैलेंस खातों की संख्या कम करने के लिए जनधन खातों में बैंकरों द्वारा थोड़ी राशि जमा करने की घटनाओं के बारे में तथ्यों का पता लगाने के लिए वित्त मंत्रालय जांच करेगा । मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना खातों में न्यूनतम राशि की कोई जरूरत नहीं है।
मंत्रालय ने कहा कि, खास घटनाओं के जिक्र को देते हुए इन तथ्यों का पता लगाया जा रहा है कि क्या योजना के उद्देश्यों को लेकर शाखा स्तर पर कोई गलतफहमी हुई।
मीडिया में मंगलवार को आई एक खबर में उन खास घटनाओं का जिक्र किया गया जिसमें बैंकरों द्वारा खुद ही एक या इससे अधिक रुपये जमा करके जीरो बैलेंस खातों की संख्या कम की गई।