
धमतरी। कोई दिन भर एसी गाड़ी में चल रहा है और गाड़ी से उतरने के बाद उसे पंखा भी नसीब न हो तो सोचिए उस व्यक्ति की क्या हालत होगी। शासकीय ड्राईवरों की स्थिति कुछ ऐसी ही है। ड्राईवरों की मांग पर कलेक्ट्रेट में उनके लिए विश्राम कक्ष तो बना दिया गया है पर वहां व्यवस्था कुछ भी नहीं है।

