रामनाम परिक्रमा महोत्सव में होगा धर्म एवं आध्यात्म का संगम

अजमेर। धर्म एवं अध्यात्म की नगरी अजमेर में दिनांक 30 दिसम्बर 2017 से 15 जनवरी 2018 तक प्रस्तावित 54 अरब हस्तलिखित राम नाम महामंत्रों के परिक्रमा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन अलग अलग भव्य, रोचक, मनोरंजक एवं भावपूर्ण कार्यक्रम होंगे।

परिक्रमा समन्वयक महेन्द्र जैन मित्तल ने बताया कि 16 दिवसीय महोत्सव को यादगार एवं सार्थक बनाने के प्रयास स्वरूप प्रतिदिन सुबह 6ः15 से रात्री 9ः15 बजे तक विविध तरह के धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। समाज के हर वर्ग का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम बनाए गए है।

समन्वयक ललित शर्मा ने बताया कि महोत्सव के दौरान शाम को एवं रात्रि कालीन सत्र में गिरीराज मित्र मण्डल परिवार कोटा के गोविन्द माहेश्वरी, श्रीश्याम प्रेम मण्डल मित्र मण्डल अजमेर के विमल गर्ग, सर्वेश्वर संकीर्तन मण्डल के अशोक तोषनीवाल, सप्तक परिवार, नासिर मोहम्मद मदनी, मधुलिका नाग, अरोग्य एवं गर्धव महाविद्यालय के आनन्द वैद्य एवं साथियों, नीरज आर्य म्यूजिक लवर्स किशनगढ़, रजनीश चारण द्वारा अलग अलग गीतों, गजल, लोक गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।

वहीं विविधा एवं कत्थक कला केन्द्र की दृष्टि रॉय, कला अंकुर, नृत्यांगना कथक कला केन्द्र की स्मिता भार्गव एवं तानसेन महाविद्यालय द्वारा नृत्य, कत्थक एवं लोक नृत्यों की प्रस्तुति देंगे।

अजमेर की विविध स्कूलों की ओर से बैण्ड एवं नृत्य, नाट्क, राष्ट्र नायकों एवं महापुरूषों की वेशभूषा का सुंदर कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। उमेश चौरासिया द्वारा पृथ्वीराज चौहान पर नाटक लिखित नाटक का मंचन होगा एवं राजेन्द्र एवं सहयोगी कलाकारों द्वारा मीराबाई पर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। महोत्सव के दौरान एक दिन कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम के समन्वयक शिवरतन वैष्णव ने बताया कि प्रतिदिन शहर की विभिन्न मण्डलियों द्वारा दोपहर 2 बजे से शाम 4ः30 बजे तक नियमित अखण्ड सुन्दरकाण्ड का पाठ किया जाएगा। महोत्सव के समापन पर 15 जनवरी 2018 को राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात सीमा प्रहरियों को समर्पित 45 मिनट तक लगातार अखण्ड विजय महामंत्र (श्री राम जय जय राम) का सामूहिक पाठ किया जाएगा।

समन्वयक जेके शर्मा, विनीत लोहिया, हरी चन्दनानी ने बताया कि महोत्सव में प्रतिदिन पत्रकार बन्धु, समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारियों एवं राम नाम के साधकों का अभिनन्दन किया जाएगा। सहसंयोजक सत्यनारायण भंसाली, डॉ. विष्णु चौधरी ने शहर के सभी रसिक श्रृद्धालु एवं धर्मप्रेमी जनता से महोत्सव में सहयोग की अपील की है।