union budget : गरीबों को तौहफा, अमीरों पर कसा शिकंजा

union budget 2015
union budget 2015

नई दिल्ली। गरीबों, मध्यमवर्ग और कंपनियों को अनेक योजनाओं के जरिये मदद और छूट का ऎलान करते हुए मोदी सरकार ने कालाधन पर अंकुश लगाने के लिए अधिकतम 10 साल का कारावास का प्रावधान वाला कानून लाने तथा विकास परियोजनाओं में राज्योें को अधिक धन देने का आम बजट में प्रस्ताव किया है।

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने लोकसभा में वर्ष 2015- 16 का बजट पेश किया और प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत बीमा राशि बढ़ाकर दो लाख रूपए करने के साथ ही पेंशन के लिए अटल पेंशन योजना का ऎलान किया। प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना का लाभ उठाने के लिए गरीब को सिर्फ एक रूपए मासिक देने होंगे और इसके तहत दो लाख रूपए का दुर्घटना मृत्यु बीमा मिलेगा।

सभी को पेंशन के दायरे में लाने के उद्देश्य से अटल पेंशन योजना की शुरूआत करने का ऎलान किया जिसके तहत सरकार इसमें सालाना अधिकतम एक हजार रूपए का अ ंशदान देगी। मध्यम और नौकरीपेशा वर्ग को आयकर में सीधी छूट नहीं दी गई है लेकिन पहले से मिलने वाली छूट की सीमा बढ़ा दी गई है जिससे छूट का इस्तेमाल करने के बाद चार लाख 44 हजार 200 रूपए तक की आय पर कर नहीं लगेगा।

सरकार ने कंपनियों को राहत देते हुए कंपनी कर को बाकी एशियाई देशों के समकक्ष लाने का इरादा जाहिर किया और कंपनी कर को अगले चार साल में 30 फीसदी से घटाक र 25 फीसदी करने का प्रस्ताव किया है। संपदा कर को समाप्त करते हुए एक करोड़ रूपए से अधिक की सालाना आमदनी वाले अमीरो पर दो फीसदी अधिभार लगाने का प्रस्ताव किया गया है जिससे सरकारी खजाने में नौ हजार करोड़ रूपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।

इसके साथ ही सेवा कर में लगभग दो प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर होगा। अब उन्हें विभिन्न सेवाओंं और खरीदारी पर अधिक भुगतान करना पडेगा। इससे बिजली, पानी, मोबाइल बिल, एयरकंडिशनर, फ्रीज, कार, मोबाइल, कंप्यूटर, हवाई यात्रा, क्रेडिट कार्ड का उपयोग, इंटरनेट, वाई फोन और बीमा पालिसी आदि मंहगा हो जाएगा।

विभिन्न् प्रकार के करो में छूट दिए जाने से विदेशी कल पुर्जें, चमडे का सामान, एक हजार रूपए से कम के जूते, डिजिटल कैमरे, एंबुलेस सेवा, एलसीडी एवं एलईडी आदि सस्ते हो जाएंगे।