चारा घोटाला : लालू प्रसाद यादव दोषी करार, 3 जनवरी को सजा का ऐलान

verdict in Lalu yadav's fodder scam case

पटना/रांची। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद को केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत ने चारा घोटाले से संबंधित एक मामले में शनिवार को दोषी करार दिया है। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा और अन्य छह आरोपियों को इसी मामले में बरी कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह तीन जनवरी को इस मामले में सजा सुनाएंगे।

यह मामला देवघर के जिला कोषागार से फर्जी तरीके से 84.5 लाख रुपए निकालने से जुड़ा हुआ है। मामले की सुनवाई रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने 13 दिसंबर को पूरी कर ली थी।

इस पूरे मामले में कुल 34 आरोपी थे, जिनमें से 11 की मौत हो चुकी है। जबकि एक आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और सीबीआई का गवाह बन गया।

राजद अध्यक्ष पर अदालत के फैसला आने से पहले ही पटना स्थित लालू के आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ था, वहीं पूजा-अर्चना का दौर भी जारी रहा। लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप ने फैसले से पहले आवास में बने साईं मंदिर में पूजा अर्चना की।

राजद के एक नेता ने बताया कि तेजप्रताप ने इससे पहले साई मंदिर पहुंचकर ईश्वर से अपने पिता के लिए दुआ मांगी। लालू आवास के बाहर हालांकि दो-चार सुरक्षाकर्मिययों को छोड़कर सन्नाटा पसरा रहा। आमतौर पर सुबह से ही लालू आवास के बाहर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ देखी जाती थी।

गौरतलब है कि 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए लालू को दोषी करार दिया। इस पर अंतिम बहस 13 दिसंबर को पूरी कर ली गई थी। यह मामला एकीकृत बिहार के देवघर कोषागार से अवैध निकासी से जुड़ा है।

अदालत के फैसले से पहले सियासी बयानबाजी जोरों पर

चर्चित चारा घोटाले मामले में रांची की केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत शनिवार को अपराह्न तीन बजे अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद भी आरोपी हैं। ऐसे में अदालत का फैसला आने से पहले ही बिहार की राजनीति गरमा गई है और सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

राजद जहां इस मामले में विपक्षियों द्वारा फंसाने का आरोप लगा रहा है वहीं सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड) के नेता लालू को सजायाफ्ता बताते हुए उन्हें भ्रष्टाचार का पर्याय बताया जा रहा है।

जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि नई परिस्थिति में भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में जो नजरिया उत्पन्न हुआ है और लोगों की जो मनोदशा है, उसके मुताबिक अदालत का यही फैसला देश के लिए एक नजीर बनेगा।

उन्होंने राजद पर तंज कसते हुए कहा कि लालू प्रसाद पहले से ही सजायाफ्ता हैं और इस फैसले को लेकर राजद के नेता ऐसे ‘रांची चलो’ अभियान चला रहे हैं, जैसे लालू को आजादी की लड़ाई के मामले में फैसला सुनाया जाने वाला है।

उन्होंने कहा कि लालू खुद भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त हैं ही उनके बेटे तेजस्वी (26) भी भ्रष्टाचार के मामले में फंसे हैं। उन्होंने कहा कि राजद की नीति धर्मनिरपेक्ष की छद्म लडाई में संपत्ति उगाही की रही है और अदालत का भ्रष्टाचार के पर्याय बने लालू के खिलाफ यह फैसला देश के लिए नजीर बनेगा।

राजद नेता मनोज झा ने कहा कि लालू यादव ने कोई गलती नहीं की और उन्हें जान-बूझकर फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय पर हमारा पूरा विश्वास है और लालू यादव बरी किए जाएंगे। लालू ने ही इस मामले की जांच के आदेश दिए थे।

राजद के उपाध्यक्ष और चारा घोटाला को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने वाले शिवानंद तिवारी ने कहा कि नीतीश को सत्ता में लाने के लिए लालू के खिलाफ मामला दर्ज कर मैंने बड़ा पाप किया और आज मुझे ग्लानि हो रही है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में लालू यादव पहले भी जेल जा चुके हैं, लेकिन अब क्या और क्यों फैसला आ रहा है? ये बात समझ से परे है। उन्होंने कहा कि लालू का जो जनाधार है उसे खत्म करने के लिए ये सब किया जा रहा है।

गौरतलब है कि 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाला मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में शनिवार को फैसला सुनाने वाली है। अंतिम बहस 13 दिसंबर को पूरी कर ली गई थी। राजद प्रमुख लालू प्रसाद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत कई नेताओं एवं अधिकारी इस मामले में आरोपी हैं।