भुवनेश्वर। ओडिशा में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2013 बैच के अधिकारी जगमोहन मीणा ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।
मीणा ने हाल ही में भुवनेश्वर में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के तौर पर काम किया था।श्री मीणा ने अपने फ़ैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके इस्तीफ़े के पीछे कोई बाहरी दबाव नहीं था।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मैंने निजी कारणों से इस्तीफ़ा दिया है। मुझ पर कोई दबाव नहीं था। मुझे लोगों की सेवा करने का मौका मिला। ओडिशा के लोग बहुत अच्छे हैं और मुझे उम्मीद है कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद मुझ पर बना रहेगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्री मीणा (37) ने लगभग एक महीने पहले अपना इस्तीफ़ा सौंपा था। हालांकि, अखिल भारतीय सेवा नियमों के तहत निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण इसे औपचारिक रूप से स्वीकार करने में समय लगा।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के पूर्व छात्र मीणा ने ओडिशा में एक शानदार करियर बनाया और कई प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किए, जिनमें वीरता के लिए पुलिस पदक (2019), पुलिस आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक (2021) और राज्यपाल पदक (2023) शामिल हैं।
मीणा ने अपनी सेवा के दौरान कई अहम पदों पर काम किया, जिनमें भुवनेश्वर और कटक में पुलिस उपायुक्त और अंगुल, गंजम और मलकानगिरी ज़िलों में पुलिस अधीक्षक के पद शामिल हैं।
माओवादी प्रभावित मलकानगिरी में 2019 में पुलिस अधीक्षक के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें काफ़ी पहचान मिली; वहां उन्होंने माओवाद-विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया और ज़िले में शांति बहाल करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई।



