नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने के दोषी मदरसा सुल्तानिया के उर्दू शिक्षक को 20 साल का सश्रम कारावास

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भुवनेश्वर। ओडिशा में कटक जिले की एक फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक शिक्षक को नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने का दोषी करार देते हुए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है।

कटक की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट-1) ने जिले के बक्सी बाजार स्थित मदरसा सुल्तानिया के उर्दू शिक्षक हाफिज नूर सरताज को गंभीर यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया।

अदालत ने जेल की सजा के साथ-साथ दोषी पर 10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में दोषी को एक साल की अतिरिक्त कड़ी कैद भुगतनी होगी। इसके अलावा, अदालत ने पीड़िता को मुआवजे के रूप में चार लाख रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है।

यह मामला एक 12 वर्षीय लड़की के माता-पिता की दर्ज शिकायत के बाद 23 अगस्त 2025 को कैंटोनमेंट थाने में पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत पंजीकृत हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अगस्त और दिसंबर 2024 के बीच उर्दू पढ़ाने के दौरान बालिका के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न की वारदात को अंजाम दिया था।

जांच पूरी होने के बाद 21 अक्टूबर, 2025 को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने बताया कि विशेष लोक अभियोजक एस.एन. दास ने इस मामले में अभियोजन पक्ष का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप 23 जून को आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई गई।