अलवर मेयर चुनाव से पहले भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, 37 पार्षदों के साथ फोटो जारी कर दिया बहुमत का संदेश

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65 सदस्यीय निगम में बहुमत का आंकड़ा 33, भाजपा का दावा-37 पार्षद साथ; कांग्रेस ने भाजपा के दावे पर उठाए सवाल

अलवर। नगर निगम के महापौर चुनाव से ठीक पहले अलवर में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदान से एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने खेमे के पार्षदों की तस्वीर जारी कर शक्ति प्रदर्शन किया है। भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और वन मंत्री संजय शर्मा के साथ 37 पार्षदों की तस्वीर सामने आई है। पार्टी ने दावा किया है कि उसके साथ 37 पार्षद हैं और तीन अन्य पार्षदों का समर्थन भी उसे प्राप्त है। इस तरह भाजपा ने कुल 40 पार्षदों के समर्थन का दावा किया है।

हालांकि, कांग्रेस ने भाजपा के इस दावे को स्वीकार नहीं किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अंतिम स्थिति मतदान के दौरान ही स्पष्ट होगी। ऐसे में महापौर चुनाव से पहले दोनों दलों के दावों ने अलवर के सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।

चुनाव परिणाम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर

अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में हुए चुनाव में भाजपा 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। कांग्रेस को 23 सीटें मिलीं, जबकि 13 निर्दलीय और एक वार्ड में बसपा प्रत्याशी विजयी हुआ। किसी भी दल को अपने दम पर 33 का बहुमत नहीं मिला। इसी वजह से महापौर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई। चुनाव के बाद दोनों प्रमुख दलों ने निर्दलीय पार्षदों से समर्थन जुटाने के प्रयास तेज किए थे।

भाजपा ने पहले भी निर्दलीयों के समर्थन का किया था दावा

भाजपा इससे पहले भी निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा कर चुकी है। 16 सितंबर को पार्टी की ओर से कहा गया था कि नौ निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा को समर्थन दे दिया है।

वहीं, बाद की रिपोर्टों में भाजपा के छह निर्दलीय पार्षदों के साथ गठजोड़ की जानकारी सामने आई थी। उस समय भाजपा को बहुमत तक पहुंचने के लिए निर्दलीयों में से कम से कम पांच के समर्थन की जरूरत बताई गई थी। अब 37 पार्षदों की तस्वीर जारी कर भाजपा ने अपने पास बहुमत से अधिक समर्थन होने का संदेश दिया है।

मैदान में भाजपा की सुमनलता और कांग्रेस की कमलेश शर्मा

महापौर पद के लिए भाजपा ने सुमनलता अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने कमलेश शर्मा को मैदान में उतारा है। निर्दलीय रिंकल गर्ग ने भी नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बाद में नाम वापस ले लिया। इसके बाद मुकाबला भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच रह गया। महापौर का चुनाव 21 सितंबर को होना है।

कांग्रेस ने भाजपा के दावे को किया खारिज

भाजपा की ओर से 37 पार्षदों के साथ तस्वीर जारी किए जाने के बाद कांग्रेस ने इस शक्ति प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने भाजपा के दावे को खारिज करते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति मतदान के समय सामने आएगी।

ऐसे में अब सभी की नजरें महापौर चुनाव के मतदान पर टिकी हैं। भाजपा के 37 पार्षदों के दावे के बाद बहुमत का गणित उसके पक्ष में दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, जबकि कांग्रेस अपने पार्षदों और समर्थक पार्षदों को एकजुट रखने में जुटी है। अंतिम तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी।