चिकित्सक की गिरफ्तारी के विरोध में बंद रहे अलवर के निजी अस्पताल

0

अलवर। राजस्थान के अलवर में एक चिकित्सक की गिरफ्तारी के विरोध में निजी अस्पतालों के 24 घंटे के बंद के आव्हान के बाद मंगलवार को अलवर के निजी चिकित्सालयों में चिकित्सा सेवाएं ठप रही जिससे मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बंद के आह्वान के तहत सुबह आठ बजे से निजी अस्पतालों में मरीजों को न आउटडोर में सेवायें दी गयी न किसी गंभीर मरीजों को इलाज के लिये देखा गया। निजी अस्पतालों में 24 घंटे के बंद के बाद मरीजों को लेकर उनके परिजन परेशान नजर आएये।

सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हुई जो इस बात से अनभिज्ञ थे कि निजी अस्पताल बंद हैं। उन्होंने सरकारी अस्पतालों का रुख किया जिससे सरकारी अस्पतालों में अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ नजर आई।

सरकारी चिकित्सक भी आउटडोर में व्यस्त नजर आए। आपात ड्यूटी के चिकित्सक आउटडोर का समय समाप्त हो जाने के बाद भी मरीजों को देखते रहे। इस बीच उन मरीजों को परिजन हरियाणा के निजी अस्पतालों में इलाज के लिये ले गए।

दुर्घटना के शिकार मृतकों की शिनाख्त

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर राजगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र में मंगलवार को सुबह हादसे के शिकार तीनों मृतकों की पहचान हो गई है। तीनों एक ही परिवार के हैं। सूत्रों ने बताया कि मृतकों की पहचान बस चालक उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद शहर के कुशवाहा नगर निवासी मोनू यादव (35) वर्ष, उसकी पत्नी रीना यादव (30) एवं डनकी पुत्री शक्ति उर्फ डोली के रूप् में हुई है। उनके शव राजगढ़ सीएचसी में पोस्टमार्टम के लिए रखे हुए है।

इनकी एक अन्य दो वर्षीय पुत्री रिद्धि यादव राजगढ़ पुलिस थाने में है। जिसके खरोच भी नहीं आई है। इस सड़क हादसे में 30 लोग घायल हो गए थे जिनमें 10 का अलवर के अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि रोजाना की तरह मध्यप्रदेश के इंदौर से सवारियों को दिल्ली के लिए लेकर चली डीलक्स बस सुबह रसायन से भरे ट्रक से टकरा गई थी।