अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर के दान चोरी प्रकरण में गिरफ्तार आरोपितों में शामिल अविनाश शुक्ला से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। जिस योग केंद्र में अविनाश शुक्ला अपने भाई अभिषेक शुक्ला के साथ किराये पर रहता था, वहां एक संदिग्ध बक्सा रखा मिला है। बक्से पर ‘रामराज्य कोष’ का स्टीकर और पेटीएम का क्यूआर कोड चस्पा है, जिससे पूरे मामले को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
यह वही श्याम साधनालय योग केंद्र है, जहां से पांच जून को रामलला के दान की चोरी से जुड़े करीब 20 लाख रुपएए बरामद किए गए थे। इसी बीच पांच जून का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में अविनाश शुक्ला को कुछ पुलिसकर्मियों, राम मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों और निजी सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में एक निजी वाहन में बैठते हुए देखा जा सकता है। उसके हाथ में काले रंग का एक बैग भी दिखाई दे रहा है, जिसे बरामद नकदी से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब योग केंद्र में मिले ‘रामराज्य कोष’ लिखे इस बक्से को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि कहीं इस बक्से का इस्तेमाल किसी प्रकार के आर्थिक संग्रह या दुरुपयोग के लिए तो नहीं किया जाता था। हालांकि, इन आशंकाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उधर, श्याम साधनालय योग केंद्र की योगाचार्या सीमा तिवारी ने इन आशंकाओं को खारिज किया है। उनका कहना है कि संबंधित बक्सा पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से योग केंद्र में रखा हुआ है। यह उनके गुरु योगाचार्य का है और इसका अविनाश शुक्ला या दान चोरी प्रकरण से कोई संबंध नहीं है।
गौरतलब है कि पांच जून को पुलिस, ट्रस्ट कर्मचारियों और निजी सुरक्षा कर्मियों ने योग केंद्र पहुंचकर तलाशी ली थी। इसी दौरान अविनाश शुक्ला को हिरासत में लिया गया था और उसके पास मौजूद काले बैग से नकदी बरामद की गई थी। हालांकि उस समय इस बक्से को पुलिस ने उसे अपने कब्जे में नहीं लिया।
अब इस बक्से और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के बाद मामले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक इस बक्से को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



