मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विभिन्न नियमों और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के कारण तीन सार्वजनिक बैंकों पर कुल दो करोड़ 17 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स पर भी तीन लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को अलग-अलग प्रेस विज्ञप्तियों में बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग की समुचित व्यवस्था न करने और परिसंपत्ति वर्गीकरण तंत्र में मानवीय हस्तक्षेप करने के लिए 95.40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। आरबीआई ने पाया कि बैंक ने धोखाधड़ी वाले लेनदेन की रिपोर्टिंग के लिए ग्राहकों को विभिन्न चैनलों पर चौबीसों घंटे रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई।
बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। उस पर प्राथमिक सेक्टर को ऋण देने और जमा पर ब्याज संबंधी नियमों के उल्लंघन का आरोप है। बैंक ने प्राथमिक क्षेत्रों के 25 हजार रुपए तक के ऋण देने पर भी सेवा शुल्क, निरीक्षण शुल्क और प्रोसेसिंग शुल्क वसूले थे। इस अलावा उसने सावधि जमा खातों पर परिपक्वता की तारीख से पैसे ग्राहकों को देने की तारीख तक के लिए ब्याज का भुगतान नहीं किया।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया केवाईसी और बुनियादी बचत बैंक जमा खाता संबंधी नियमों के उल्लंघन के कारण 63.60 लाख का जुर्माना लगा है। वह तय समय सीमा के भीतर केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री में कुछ ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड अपडेट करने में विफल रहा था। इसके अलावा बैंक को कुछ ग्राहकों के एक से अधिक बुनियादी बचत बैंक जमा खाता खोलने का भी दोषी पाया गया।
केंद्रीय बैंक ने पाइन लैब्स को प्रीपेड भुगतान तंत्र संबंधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया और उस पर तीन लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
आरबीआई ने बताया कि तीन सार्वजनिक बैंकों और पाइन लैब्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लिखित जवाब और मौखिक सुनवाई में दिए गए जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद जुर्माने की कार्रवाई की गई है।



