3 करोड़ की रिश्वत लेकर राहत दिलाने के आरोप में दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर अरेस्ट

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नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली पुलिस के एक निरीक्षक को कथित तौर पर हवाला कारोबारी के जरिए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत पुड्डुचेरी के एक व्यक्ति और उसके साथी को सीबीआई के मामलों में राहत दिलाने के बदले ली जा रही थी।

आरोप है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक प्रदीप सिंह ने आरोपियों की मुलाकात एक अज्ञात वरिष्ठ लोक सेवक से कराई थी, जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह एक प्रशासनिक या पुलिस सेवा का अधिकारी है। उस अधिकारी ने सीबीआई में मजबूत रसूख होने का दावा किया था और मामलों को रफा-दफा करने के लिए तीन करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। सिंह को तब गिरफ्तार किया गया जब हवाला के जरिए इस रिश्वत की पहली किस्त दी जा रही थी।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार सिंह पुड्डुचेरी के मामलों में नामजद आरोपी एन राजा उर्फ वाल्टियप्पन उर्फ राजशेखर और उसके साथी राजकुमार उर्फ मदनराज के साथ इस आपराधिक साजिश में शामिल थे। यह लोग जांच अधिकारियों और अन्य लोक सेवकों पर अपना प्रभाव होने का दावा करके सीबीआई मामलों में अनुचित राहत दिलाने के बदले अवैध रूप से धन ले रहे थे।

सीबीआई ने पुड्डुचेरी सरकार से लिए गए कुछ मामलों को दोबारा दर्ज किया था, जिनमें एन. राजा उर्फ वल्तियप्पन उर्फ राजशेखर आरोपी हैं। राजकुमार उर्फ मधनराज पर आरोप है कि वह एन राजा और निरीक्षक के बीच मध्यस्थ के रूप में काम करता था।

गत 14 मई को एन राजा और राजकुमार ने दिल्ली के हवाई अड्डे के पास एरोसिटी में निरीक्षक से मुलाकात की थी, तब सिंह ने दोनों को पास में ही स्थित एक अज्ञात वरिष्ठ लोक सेवक के कार्यालय में ले गया और उनसे परिचय कराया। बैठक के दौरान, उस वरिष्ठ अधिकारी ने एन राजा को भरोसा दिया कि वह एजेंसी में अपने प्रभाव से मामलों में राहत दिला देगा। 16 मई को एन राजा ने अपनी पत्नी को बताया कि वरिष्ठ अधिकारी तीन करोड़ रुपये की रिश्वत के बदले मदद करने के लिए तैयार हो गया है और उसने डेढ़ करोड़ रुपए अग्रिम राशि के रूप में मांगे हैं।

इसके बाद राजकुमार ने गुजरात के वडोदरा में निरीक्षक से मुलाकात की और दिल्ली में बैठे लोक सेवकों तक रिश्वत की रकम पहुंचाने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक के बाद दोनों साथ में दिल्ली आ गए। एन राजा ने दिल्ली में मांग पूरी करने के लिए चेन्नई के एक हवाला कारोबारी से संपर्क किया ताकि एक करोड़ रुपये दिल्ली भेजे जा सकें।

सीबीआई अधिकारी के अनुसार उन्हें जानकारी मिली थी कि आठ जून को चांदनी चौक इलाके में निरीक्षक प्रदीप सिंह को रिश्वत की रकम सौंपी जानी थी। इस सूचना के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत निरीक्षक, एन राजा और राजकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके बाद सीबीआई ने छापेमारी कर निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आगे की जांच जारी है।