अजमेर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर शनिवार को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर अजमेर में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट से शुरू हुई इस दौड़ के जरिए राष्ट्रीय एकता, अखंडता, आपसी सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया गया। इसमें जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स, मेडिकल एवं नर्सिंग के छात्र-छात्राओं और आमजन ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्ट्रेट कार्यालय से अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रवीण कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ ने हरी झंडी दिखाकर किया। निर्धारित मार्ग के अनुसार दौड़ कलेक्ट्रेट से रवाना होकर जवाहर रंगमंच और सावित्री चौराहा होते हुए पुरानी चौपाटी तक पहुंची। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ दौड़ में हिस्सा लेते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
प्रतिभागियों को दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ
दौड़ के शुभारंभ अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रवीण कुमार ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों को देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।
आयोजन का उद्देश्य केवल दौड़ के माध्यम से जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एकता, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी रहा। विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को सामूहिक स्वरूप दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों और विद्यार्थियों की रही भागीदारी
रन फॉर यूनिटी में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गोविन्द नारायण शर्मा, मेडिकल कॉलेज के उपप्राचार्य कमलेश तनवानी और स्वास्थ्य अधिकारी रमेश चौधरी सहित जिला प्रशासन, कलेक्ट्रेट एवं नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इसके अलावा विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, जवाहरलाल नेहरू अस्पताल और जनाना अस्पताल के मेडिकल तथा नर्सिंग विद्यार्थियों ने भी दौड़ में भाग लिया। आम नागरिकों की सहभागिता से शहर में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन जनभागीदारी के रूप में सामने आया।
सरदार पटेल के योगदान को किया याद
देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में उनकी निर्णायक भूमिका के कारण उन्हें ‘लौह पुरुष’ के रूप में जाना जाता है। उनकी जयंती को वर्ष 2014 से राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस दिन देशभर में रन फॉर यूनिटी, एकता शपथ और विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
अजमेर में आयोजित दौड़ के माध्यम से भी सरदार पटेल के राष्ट्र एकीकरण के संदेश को याद करते हुए नागरिकों को देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दिलाया गया।



