नसीराबाद के क्षतिग्रस्त हुए नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज पर आवागमन बंद, सड़क बनी खतरा

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सबगुरु न्यूज़ की खबर का असर

नसीराबाद। अजमेर-नसीराबाद-ब्यावर मार्ग स्थित रेलवे फाटक पर नवनिर्मित ओवरब्रिज की क्षतिग्रस्त सड़क को लेकर सबगुरु न्यूज़ की खबर का असर सामने आया है। रेलवे के निर्माण विभाग के उच्चाधिकारी शुक्रवार को मौके पर पहुंचे और ओवरब्रिज की क्षतिग्रस्त हुई सड़क का निरीक्षण किया। फिलहाल वाहनों का आवागमन रोकने तथा सुरक्षा के मद्देनजर ओवरब्रिज को पूरी तरह बंद कर दोनों ओर बैरिकेड लगा दिए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान ओवरब्रिज की सड़क कई स्थानों पर नीचे बैठी और क्षतिग्रस्त मिली। प्रारंभिक जांच में करीब चार से पांच स्थानों पर सड़क में खराबी सामने आने की बात कही जा रही है। खास बात यह है कि ओवरब्रिज पर करीब दो महीने पहले ही आवागमन शुरू हुआ था। इतने कम समय में सड़क के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले की जानकारी मिलने के बाद रेलवे निर्माण विभाग के अधिकारी निरीक्षक के साथ मौके पर पहुंचे। जेसीबी की सहायता से क्षतिग्रस्त हिस्सों में गड्ढे खुदवाए गए और वहां से मिट्टी के सैंपल लिए गए। अधिकारियों के अनुसार सैंपलों को गुणवत्ता जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सड़क क्षतिग्रस्त होने के वास्तविक कारणों और निर्माण गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मीडिया के सवालों पर अधिकारियों ने साधी चुप्पी

निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों से जब मीडिया ने ओवरब्रिज की सड़क की गुणवत्ता, निर्माण में संभावित खामियों और इतने कम समय में सड़क क्षतिग्रस्त होने को लेकर सवाल किए तो अधिकारियों ने जवाब देने से परहेज किया। किसी भी अधिकारी ने मामले पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

फिलहाल ओवरब्रिज पर आवागमन बंद होने से वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। अब सभी की निगाहें जांच के लिए गए मिट्टी के सैंपलों की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि ओवरब्रिज की सड़क किन कारणों से क्षतिग्रस्त हुई और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

फिर बंद रेलवे फाटक, उखड़ी सड़क पर हिचकोले

नसीराबाद रेलवे क्रासिंग बंद रहने के दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारे लगने की समस्या के निदान के रूप में आमजन की मांग को देखते हुए नसीराबाद-ब्यावर राज्य मार्ग पर 39 करोड रुपए खर्च कर राज्य सरकार और रेलवे ने मिलकर ओवरब्रिज तैयार करवाया गया था। इसको बनने में छह साल का समय लग गया। अब बनने के बाद ओवरब्रिज की सड़क महज दो माह में ही क्षतिग्रस्त हो जाने से निर्माण गुणवत्ता की पोल खुल गई और इस पर आवागमन बंद कर दिया गया। ऐसे में आमजन को फिर रेलवे क्रासिंग वाली बदहाल सड़क से गुजरना पड रहा है।