इंफाल/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल एके भल्ला ने खेमचंद सिंह को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही अशांत उत्तर-पूर्वी राज्य में लगभग एक साल से लागू राष्ट्रपति शासन का समापन हो गया।
राज्य में पिछले साल 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जब जातीय हिंसा के कारण अस्थिरता के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 09 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। सिंह के बाद कुकी समुदाय से आने वाली भाजपा विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायक एल डिखो ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। सिंह के शपथ ग्रहण से कुछ घंटे पहले गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने औपचारिक रूप से राज्य में राष्ट्रपति शासन हटा लिया था।
इससे पहले दिन में खेमचंद सिंह ने लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की और राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। इस बैठक के दौरान सिंह के साथ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, भाजपा के पूर्वोत्तर समन्वयक डॉ. संबित पात्रा, मणिपुर भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अधिकारिमयूम शारदा देवी और अन्य राजग नेता मौजूद थे। सिंह को तीन फरवरी को सर्वसम्मति से राजग विधायक दल का नेता चुना गया था।
शपथ लेने के बाद सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि नया मंत्रिपरिषद शांति और विकास को अपने मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में लेकर काम करेगा। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि विकसित भारत और विकसित मणिपुर के दृष्टिकोण की ओर राजनीतिक यात्रा चुनौतियों के बिना नहीं है, लेकिन हमारी प्राथमिकताएं इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ मजबूती से जुड़ी रहेंगी।
सिंह इससे पहले 2017 से 2022 तक पहली एन बीरेन सिंह सरकार के दौरान मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष रहे थे। एन बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में उन्होंने नगर प्रशासन, आवास विकास (एमएएचयूडी), ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभागों के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया था।



