जयपुर। विश्व प्रसिद्ध साहित्य उत्सव जयपुर साहित्य महोत्सव (जेएलएफ) का 20वां संस्करण अगले वर्ष जनवरी में राजधानी जयपुर में आयोजित होगा। जेएलएफ के आयोजकों के अनुसार जेएलएफ इस संस्करण के आयोजन की तैयारी कर रहा है और राजस्थान सरकार के सहयोग से यह संस्करण 14 से 18 जनवरी तक जयपुर में आयोजित होगा, जिसमें साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और कला की अग्रणी आवाज़ें एक साथ आएंगी।
अपने तीसरे दशक में प्रवेश करते हुए जयपुर साहित्य महोत्सव अपनी अनूठी विरासत को सहेजना जारी रखेगा ताकि पीढ़ियों, भाषाओं और भौगोलिक सीमाओं के पार दर्शकों के लिए साहित्य और विचारों को और सुलभ, सहभागी और प्रासंगिक बनाया जा सके। जेएलएफ अपने उन दो दशकों का जश्न मना रहा है जिनमें वह लेखकों, विचारकों, कलाकारों और दर्शकों के साथ उन किताबों को एक मंच पर लेकर आया जिन्होंने दुनिया को समझने में मदद की है।
बीते दो दशकों में जेएलएफ जयपुर में लेखकों और पाठकों के एक सालाना सम्मेलन से कहीं बढ़कर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक मंचों में से एक बन गया है, जिसने भारत और विश्वभर के दर्शकों के साहित्यिक आयोजन के अनुभव और चर्चाओं तक पहुंचने के तरीके को बदल दिया है।
वर्ष 2006 में अपनी स्थापना के बाद से जेएलएफ ने आठ हजार से अधिक लेखकों, वक्ताओं और कलाकारों की मेज़बानी की है। पचास लाख से अधिक दर्शकों का स्वागत किया है और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, प्रसारण सहयोगियों और मीडिया नेटवर्क के माध्यम से अनुमानित एक अरब से अधिक दर्शकों तक अपनी पहुंच बनायी है।
यह महोत्सव विविध आवाज़ों के लिए एक स्वतंत्र और सहज मंच बनकर उभरा है। जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल ने साहित्यिक जुड़ाव को पारंपरिक प्रकाशन और शैक्षणिक दायरों से आगे ले जाने में भी मदद की है, जिससे किताबें, विचार और बौद्धिक संवाद दर्शकों की एक बड़ी संख्या के बीच आसानी से पहुंचे।
बीस वर्षों में महोत्सव ने भारत के समकालीन साहित्यिक और सांस्कृतिक परिवेश को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है और यह एक ऐसा साझा स्थान बन गया जहां साहित्य, इतिहास, राजनीति, विज्ञान, दर्शन, कला और समकालीन संस्कृति के बीच संवाद की अविरल धारा बहती है।
जयपुर से लेकर पूरी दुनिया तक साहित्य महोत्सव का विस्तार एक अंतरराष्ट्रीय परिघटना की तरह हुआ है, इस सूची में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, मध्य पूर्व, मालदीव और आयरलैंड जैसे देशों के 15 से अधिक संस्करण शामिल हैं। आयाेजकों ने बताया कि जेएलएफ की यह शानदार यात्रा राजस्थान सरकार के लगातार साथ देने से मुमकिन हुई है।
साल 2008 में शुरू होने से लेकर आज तक सरकार का यह साथ इसके विकास और पहचान का अहम हिस्सा रहा है। राजस्थान ने जेएलएफ को एक खास जगह और शानदार सांस्कृतिक माहौल दिया है और आज यह महोत्सव सिर्फ़ लेखकों और पाठकों की एक सभा से आगे बढ़कर दुनिया भर में मशहूर साहित्यिक और सांस्कृतिक मंच बन गया है वहीं इसके माध्यम से जयपुर और राजस्थान की दुनिया भर के साहित्यिक जगत में मज़बूत पहचान बन गई।



